मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट के चेयरमैन अशोक बालियान ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखते हुए कहा है कि प्रदेश में सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति और अपराध नियंत्रण हेतु उठाए गए कड़े कदमों से कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है, जिसके परिणाम स्वरूप जनता के बीच सुरक्षा का भाव बढ़ा है। और आपकी सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों से सकारात्मक परिणाम दिखाई दे रहे हैं। लेकिन “अपराधियों में भय सजा की कठोरता से अधिक इस बात का होना चाहिए कि उनका पकड़ा जाना और सजा पाना निश्चित है।“ अमेरिका की तर्ज पर, जहाँ पीड़ितों को कानूनी सहायता और न्याय दिलाने के लिए प्रशिक्षित पेशेवर ‘विक्टिम एडवोकेट’ होते हैं, उत्तरप्रदेश में भी पुलिस विभाग के भीतर ऐसे पदों का सृजन अनिवार्य है। इसी दिशा में सुधार के लिए मेरा सुझाव है कि उत्तर प्रदेश पुलिस में एक विशेष ‘विक्टिम एडवोकेट’ (Victim Advocate) कैडर बनाया जाना चाहिए।
इस पहल के मुख्य बिंदु:
1. पेशेवर विधिक सहयोग: अक्सर देखा जाता है कि कानूनी पेचीदगियों और डर के कारण पीड़ित गवाही से मुकर जाते हैं (Hostile Witness)। एक प्रशिक्षित ‘विक्टिम एडवोकेट’ पीड़ित को एफआईआर दर्ज कराने से लेकर अंतिम फैसले तक कानूनी और मानसिक संबल प्रदान करेगा।
2. सजा की दर में वृद्धि: ये एडवोकेट पुलिस और लोक अभियोजक (Public Prosecutor) के बीच एक कड़ी का काम करेंगे, जिससे विवेचना में कोई तकनीकी चूक न रहे और अपराधी कानून की खामियों का लाभ न उठा सकें।
3. पीड़ितों का विश्वास: पुलिस थानों में ही इन विशेषज्ञों की उपस्थिति से आम जनता का पुलिस पर भरोसा बढ़ेगा और वे बिना डरे अपराधी के खिलाफ डटे रहेंगे।
4. जल्द न्याय: यह प्रणाली मुकदमों के त्वरित निस्तारण में सहायक होगी, जिससे समाज में यह संदेश जाएगा कि अपराधी को सजा मिलना निश्चित है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि उत्तर प्रदेश पुलिस में इस पेशेवर प्रणाली (‘विक्टिम एडवोकेट’) को लागू किया जाता है, तो यह प्रदेश की न्याय प्रणाली के लिए एक क्रांतिकारी कदम होगा और अपराधियों की उस मानसिकता को जड़ से खत्म कर देगा कि वे सजा से बच सकते हैं।

बीएजेएमसी द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में श्रीराम कॉलेज ऑटोनोमस का शानदार प्रदर्शन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रीराम कॉलेज ऑटोनोमस मुजफ्फरनगर के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के स्नातक पाठ्यक्रम बी.ए.जे.एम.सी. द्वितीय सेमेस्टर के परीक्षा परिणाम में विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय का गौरव बढ़ाया। घोषित परिणाम के अनुसार अर्नव त्यागी ने 452 अंक (90.4 प्रतिशत) प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। सुंबुल सिद्दीकी ने 448 अंक (89.6 प्रतिशत)






