हरिद्वार (रिपोर्टर)। भारत सरकार की राजभाषा नीति के और अधिक प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की दृष्टि से बीएचईएल हरिद्वार में, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) के सदस्य संस्थानों के कर्मचारियों हेतु, एक कार्यशाला का आयोजन किया गया । मानव संसाधन विकास केन्द्र (एचआरडीसी) में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता, बीएचईएल हरिद्वार के महाप्रबंधक (मानव संसाधन) संतोष कुमार गुप्ता ने की । इस कार्यशाला में सदस्य संस्थानों के लगभग 35 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में श्री गुप्ता ने कहा कि राजभाषा हिंदी के प्रयोग, प्रचार व प्रसार की दिशा में, बीएचईएल हरिद्वार सदैव तत्पर रहता है । उन्होंने बताया कि इकाई प्रमुख द्वारा भी राजभाषा गतिविधियों पर विशेष ध्यान दिया जाता है । साथ ही निरंतर कार्यशालाओं एवं विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन से भी, कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने की प्रेरणा मिलती रहती है । कार्यशाला के दौरान विशिष्ट वक्ता डॉ. नरेश मोहन ने प्रयोजन मूलक हिंदी, सचिव (नराकास) हरिद्वार पंकज कुमार शर्मा ने राजभाषा नीति संबंधी अधिनियमों तथा राजभाषा अधिकारी योगेंद्र प्रसाद ने, हिंदी ई-टूल्स आदि विषयों पर भी प्रकाश डाला। इससे पहले सचिव, राजभाषा कार्यान्वयन समिति शशि सिंह, उप प्रबंधक (राजभाषा) ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। कार्यशाला में अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) पार्थ सारथी गौडा तथा प्रभारी (एचआरडीसी) हरीश सिंह बगवार सहित बीएचईएल के अन्य अधिकारी, कर्मचारी तथा राजभाषा विभाग के प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।

मुजफ्फरनगर-कांवड़ कंट्रोल रूम बना मां-बेटी के लिए मददगार, छह घंटे बाद फिर से हुआ मिलन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ में बिछड़ने की घटनाओं से निपटने के लिए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा बनाई व्यवस्था एक बार फिर कारगर साबित हुई। रामपुर तिराहा के अस्थायी थाने और शिवचौक कांवड़ कंट्रोल रूम की त्वरित कार्रवाई से छपार क्षेत्र में अपनी मां से बिछड़ी 16 वर्षीय कांवड़िया युवती को






