लखनऊ (रिपोर्टर)। उत्तर प्रदेश सचिवालय में बुधवार को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में राज्य को $1 ट्रिलियन इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अगुवाई राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने की। उन्होंने विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि योजनाओं को तय समय पर और जमीन पर असर दिखाने के तरीके से लागू किया जाए।
बैठक में *Tata Technologies* के साथ मिलकर आईटीआई को बेहतर बनाने, ट्रेनिंग को ज्यादा आधुनिक और इंडस्ट्री के हिसाब से उपयोगी बनाने पर चर्चा हुई। मंत्री ने साफ कहा कि युवाओं को ऐसा कौशल दिया जाए जिससे उन्हें सीधे रोजगार मिल सके। Deloitte India* के साथ वर्चुअल मीटिंग में बदलती तकनीक और इंडस्ट्री की जरूरतों के हिसाब से स्किलिंग को कैसे अपडेट किया जाए, इस पर प्रेजेंटेशन भी दिया गया। मंत्री ने खास तौर पर आईटीआई और कौशल विकास मिशन में हो रहे *ड्रॉपआउट* पर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि यह पता लगाया जाए कि बच्चे बीच में ट्रेनिंग क्यों छोड़ रहे हैं और उन कारणों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा युवा कोर्स पूरा कर सकें और नौकरी से जुड़ सकें।

बैठक में कुछ अहम फैसले भी लिए गए—छात्रों के लिए नियमित *इंडस्ट्री विजिट* कराई जाए, ताकि उन्हें असली काम का माहौल समझ में आए। *On-the-Job Training (OJT)* को मजबूत किया जाए, जिससे सीखने के साथ काम का अनुभव भी मिले। *Dual System of Training (DST)* को बढ़ावा देकर उद्योगों के साथ तालमेल और बेहतर किया जाए।क्षसभी आईटीआई में जरूरी *बेसिक सुविधाएं* जैसे उपकरण, लैब और इंफ्रास्ट्रक्चर सुनिश्चित किए जाएं। नए छात्रों के लिए पढ़ाई के अलावा ऐसी गतिविधियां भी हों, जो उन्हें मोटिवेट करें और उनका आत्मविश्वास बढ़ाएं। सफल पासआउट छात्रों को बुलाकर उनके अनुभव साझा कराए जाएं, ताकि वर्तमान छात्र प्रेरित हों। इसके अलावा मंत्री ने यह भी कहा कि—जो नए आईटीआई बन रहे हैं, उनका काम समय पर पूरा किया जाए। पहले से चल रहे आईटीआई को तेजी से आधुनिक बनाया जाए, ताकि वे आज की इंडस्ट्री के हिसाब से तैयार हों। मंत्री ने कहा कि अगर युवाओं को सही स्किल और सही दिशा मिलेगी, तो वही प्रदेश की आर्थिक तरक्की की सबसे मजबूत नींव बनेगी। यह बैठक राज्य में कौशल विकास को और बेहतर बनाने और युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

बीएचईएल में राजभाषा कार्यान्वयन संबंधी कार्यशाला का आयोजन
हरिद्वार (रिपोर्टर)। भारत सरकार की राजभाषा नीति के और अधिक प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की दृष्टि से बीएचईएल हरिद्वार में, नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) के सदस्य संस्थानों के कर्मचारियों हेतु, एक कार्यशाला का आयोजन किया गया । मानव संसाधन विकास केन्द्र (एचआरडीसी) में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता, बीएचईएल हरिद्वार के महाप्रबंधक (मानव






