मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के प्रस्ताव पर जनपद के सामाजिक कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ भाजपा नेता स्वर्गीय विजेंद्र पाल के शोकाकुल परिवार को मुख्यमंत्री द्वारा 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत कर वितरित कर दी है। दुर्भाग्यवश, विगत 07 अप्रैल को कैंसर जैसी प्राणघातक व्याधि के कारण उनका आकस्मिक निधन हो गया था, जिससे संपूर्ण क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई थी।
स्व. पाल जी के देहावसान के पश्चात उनका परिवार न केवल गहन मानसिक संताप से गुजर रहा था, अपितु कैंसर के अत्यंत खर्चीले उपचार के कारण परिवार को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा था। इस विकट परिस्थिति को संज्ञान में लेते हुए, मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाए थे। मंत्री ने जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को विधिवत पत्र प्रेषित कर निर्देशित किया था कि वे पीड़ित परिवार की वर्तमान आर्थिक स्थिति का त्वरित आकलन कराएं और शासन स्तर पर संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं एवं मुख्यमंत्री राहत कोष से अधिकतम संभव सहायता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करें। मंत्री की इस सक्रियता और दूरदर्शिता के कारण प्रशासन द्वारा त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की गई, जिसके सुखद परिणाम स्वरूप मुख्यमंत्री राहत कोष से 5 लाख रुपये की सहायता राशि पीड़ित परिवार को उपलब्ध कराई गई है।
मंत्री कपिल देव ने यह भी रेखांकित किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार अपने प्रत्येक समर्पित कार्यकर्ता और जनकल्याण हेतु समर्पित नागरिक के प्रति अत्यंत संवेदनशील है और प्रत्येक सुख-दुख में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। इस आर्थिक संबल की प्राप्ति पर स्वर्गीय विजेंद्र पाल जी के परिजनों, सहयोगियों ने मंत्री के इस प्रयास और प्रदेश सरकार की जनोन्मुख नीतियों के प्रति हृदय से कृतज्ञता ज्ञापित की है।

देश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उपज की खरीद हेतू एक राष्ट्रीय किसान डेटाबेस होना चाहिए-अशोक बालियान
मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट के चेयरमैन अशोक बालियान ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र लिखते हुए कहा है कि भारत में वर्तमान में ‘एक राष्ट्र, एक बाजार’ (One Nation, One Market) की अवधारणा को पूरी तरह से कानूनी जामा नहीं पहनाया गया है, क्योंकि कृषि और मंडियों का प्रशासन मुख्य रूप से






