मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। केंद्रीय मंत्री व सांसद रहे डॉ. संजीव बालियान सोमवार को मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री के आयोजित कार्यक्रम के बीच चर्चा के केन्द्र में रहे। बीते दिनों मेरठ में हुई एक जनसभा के चलते सुर्खियों में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री सोमवार को मुख्यमंत्री के पुलिस लाइन में हैलीकॉप्टर से आने के बाद अहिल्याबाई होल्कर स्मारक ही नहीं अपितु नुमाइश ग्राउंड में आयोजित जनसभा में भी केन्द्र में ही रहे। राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर शुरू चर्चाओं के बीच में पूर्व मंत्री का मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में आने को लेकर भी तमाम कयास लगते रहे। इस बीच अस्पताल तिराहे पर उनकी उपस्थिति ने तमाम कयासों को विराम लगाते हुए उन्हें केन्द्र में ला दिया। बाद में जनसभा में स्वागत कार्यक्रम में उनका नाम प्रथम पांच लोगों में होने और मुख्यमंत्री के साथ मंच को साझा करने के राजनीतिक दिग्गजों को झटका लगा होगा, लेकिन इस सबके बावजूद जनसभा में मुख्यमंत्री के भाषण में उनकी चर्चा होने मात्र से राजनीतिक रूप से उनकी मजबूत पकड़ सबके लिए चर्चा का विषय बनी रही।
अहिल्याबाई होल्कर स्मारक पर अचानक से उनकी उपस्थिति पर मीडिया के कार्यक्रम को लेकर किए सवालों का जवाब देते हुए पूर्व मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि उन्होंने हमेशा से सबका भला किया है, इसके बदले में उन्हें क्या मिल रहा है इस पर उन्होंने कभी ध्यान नहीं दिया। शहर में मुख्य सड़कों पर कई नेताओं के होर्डिंगों में उनकी इस बार गैरमौजूदगी के सवाल पर डॉ. बालियान ने मुस्कराते हुए कहा कि वे करीब दस साल तक केंद्र सरकार में बतौर मंत्री रह चुके हैं, उनके बहुत होर्डिंग पहले लग चुके हैं, अब इसकी अधिक लालसा नहीं रखते हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या किसी राजनीतिक कारण से उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है, तो इस पर उन्होंने सीधे तौर पर कुछ कहने से बचते हुए कहा कि उन्होंने तो हमेशा सबका भला किया है। उन्होंने कहा कि बदले में उन्हें क्या मिल रहा है, इस पर उन्होंने कभी ध्यान ही नहीं दिया। इस दौरान डॉ. बालियान ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी भरोसा जताया। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि साल 2027 में भाजपा एक बार फिर प्रदेश में सरकार बनाएगी और तीसरी बार सत्ता में लौटेंगी। राजनीतिक गलियारों में डॉ. बालियान के इस बयान को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। कई लोग इसे पार्टी के भीतर चल रही खींचतान व स्थानीय राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।

रोमांच, संघर्ष, साहस, सुरक्षा चुनौतियों और प्रकृति के अद्भुत संगम के बीच पूरी हुई ‘मुजफ्फरनगर टू कश्मीर’
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। हरियाणवी सिनेमा को एक नई सोच, नई शैली और वास्तविक लोकेशनों पर आधारित कहानियों के माध्यम से अलग पहचान दिलाने का प्रयास कर रहे सुखराग मूवीस के बैनर तले बन रही बहुप्रतीक्षित फीचर फिल्म “मुजफ्फरनगर टू कश्मीर” का लगभग 22 दिनों का विशाल शूटिंग शेड्यूल सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। यह केवल एक






