मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जिला सहकारी बैंक ने वित्तीय प्रगति में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके चलते ही मुजफ्फरनगर डिस्ट्रिक्ट को-आपरेटिव बैंक का शुद्ध लाभ 31 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। उक्त जानकारी बैंक के सभापति ठाकुर रामनाथ सिंह ने शनिवार को बैंक सभागार में आयोजित एक प्रेसवार्ता में मीडिया को दी।
चेयरमैन ठा. रामनाथ सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में जब हमने जिम्मेदारी संभाली, उस वक्त बैंक का शुद्ध लाभ 10.06 करोड़ रुपये था, जो वर्तमान में बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31.13 करोड़ रुपये हो गया है, जो तीन वर्षों में दोगुने से अधिक की वृद्धि है। उन्होंने दावा किया कि इस उपलब्धि के साथ ही बैंक ने उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। बैंक की निजी पूंजी भी 375.17 करोड़ रुपये से बढ़कर 480 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। इसी तरह, जमा निक्षेप में भी बैंक ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो 1884.80 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्तमान में 2524.50 करोड़ रुपये हो गया है। यह बैंक की मजबूत वित्तीय स्थिति के साथ ही बैंक संचालकों के सहयोगात्मक रवैये और बैंक के अधिकारी-कर्मचारियों की टीम भावना को भी दर्शाता है। उन्होंने बताया कि कार्यशील पूंजी में भी लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अब 3826.53 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। किसानों के हित में फसली ऋण वितरण में भी महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1114.07 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 751.55 करोड़ रुपये था। यह 48.24 प्रतिशत की वृद्धि है। उन्होंने बताया कि वर्तमान हालातों में बैंक की 115 समितियों के साथ मुजफ्फरनगर और शामली जनपद में 50 बैंक शाखाएं संचालित हैं, जबकि बैंक के वर्तमान में 7 एटीएम बखूबी अपना काम कर रहे हैं।
चेयरमैन ठा. रामनाथ सिंह ने बताया कि बैंक ने डिजिटल ट्रांजेक्शन के क्षेत्र में भी पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने इस सफलता के लिए अपने ग्राहकों और किसानों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से उप सभापति मुकेश कुमार जैन, अमित चौधरी, राजू अहलावत, दिनेश गोयल, पंकज पाल, आशीष चौधरी सहित बैंक के सचिव राजीव चौहान आदि मौजूद रहे।

हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने लगाया फॉर्म-7 के दुरुपयोग का आरोप
हरिद्वार (रिपोर्टर)। हरिद्वार ग्रामीण विधायक अनुपमा रावत ने मतदाता सूची से नाम काटने के लिए फॉर्म-7 के कथित दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों की तरह उत्तराखंड में भी फॉर्म-7 का दुरुपयोग कर वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश की जा रही है। प्रेस






