मुजफ्फरनगर/भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में किसानों की हुंकार के बीच भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौ. राकेश टिकैत की गिरफ्तारी ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सियासी पारा गरमा दिया है। जैसे ही टिकैत की गिरफ्तारी की खबर मुजफ्फरनगर जनपद में पहुँची, भाकियू कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरने के साथ आक्रोशित होकर थानों पर धरना शुरू कर दिया।
सोमवार को ओडिशा के किसान अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 22 मार्च 2026 से पदयात्रा करते हुए भुवनेश्वर पहुँच रहे थे, जहाँ एक विशाल सभा का आयोजन होना था। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत भी इस सभा में शामिल होने के लिए भुवनेश्वर पहुँचे थे, जहाँ पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। वहां गिरफ्तार होने की वीडियो भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के सोशल मीडिया पर अपलोड हुई, जिसके बाद थानों पर धरना शुरू हो गया।
भाकियू नेता गौरव टिकैत ने बताया कि राकेश टिकैत की गिरफ्तारी के विरोध में मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना, शाहपुर, सिसौली, छपार, मंसूरपुर और सिविल लाइन सहित सभी थानों में भाकियू के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डेरा डाल दिया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक राकेश टिकैत को ससम्मान रिहा नहीं किया जाता, तब तक थानों से धरना समाप्त नहीं होगा। भाकियू नेताओं ने इस गिरफ्तारी को लोकतंत्र और किसान आवाज को दबाने की कोशिश बताया है।

रालोद दफ्तर की बदहाली पर कार्यकर्ताओं में आक्रोश, जयंत चौधरी तक पहुंचेगा मामला
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के सर्कुलर रोड स्थित जिला कार्यालय की बदहाली अब पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा और नाराजगी का विषय बनती जा रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस कार्यालय से पार्टी की गतिविधियों, बैठकों और संगठनात्मक कार्यक्रमों का संचालन होता है, वहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव बना हुआ है।





