हरिद्वार (रिपोर्टर)। भूपतवाला स्थित ओम मुरारी आश्रम में ब्रह्मलीन स्वामी निजानंद की 52वीं बरसी पर संत सम्मेलन का आयोजन किया गया। गुरु कृपा संत सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में देश के कोने कोने से आए श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि स्वामी निजानंद महाराज महान संत थे, जिन्होंने अपना जीवन समाज सेवा और धर्म के लिए समर्पित किया। स्वामी हरि चेतनानंद, स्वामी राम विशालदास ने कहा कि गुरु का सम्मान करने से जीवन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आती। सदैव अपने गुरु, महापुरुषों का सम्मान करें। संत जगजीत सिंह शास्त्री, स्वामी रविदेव शास्त्री ने कहा कि सनातन का नया वर्ष शुरू हो गया है। ऐसे में पहले दिन अपने गुरु को याद करना बहुत सराहनीय है। समिति के अध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी ब्रह्मलीन संत स्वामी निजानंद को याद किया गया है। दो दिवसीय कार्यक्रम में अखंड रामायण पाठ, भजन कीर्तन संध्या, हवन, संत प्रवचन ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। इस अवसर पर महंत श्यामदास, महंत आशुतोष, महंत विवेकानंद, महंत रामदास शास्त्री, महंत गोविंदराम शास्त्री, महंत रवि प्रपन्नाचार्य, महंत स्वामीराम, महंत कपिल मुनि, महंत बलवंत सिंह, संत बलजिंदर सिंह, दयाल सिंह, स्वामी कृष्णदेव, स्वामी बीरम दास, महंत केशवानंद, स्वामी कैलाश मुनि, महंत देवेंद्र सिंह, महंत गोपाल हरि, समिति के सचिव विपिन शर्मा, कोषाध्यक्ष मनोज चावला, कपिल कुमार आदि उपस्थित रहे।

कथा के प्रभाव से बंदियों को मिलेगी सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा- अधीर कौशिक
हरिद्वार (रिपोर्टर)। चैत्र नवरात्र के अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़े की और से रोशनाबाद स्थित जिला कारागार में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ किया गया। कथा के शुभारंभ से पूर्व कारागार परिसर में कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य के साथ बंदी भी शामिल हुए। कथाव्यास पंडित पवन कृष्ण





