मुजफ्फरनगर/बघरा(रिपोर्टर)। गरीब व जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए चलाई जा रही सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अब मुजफ्फरनगर के विकास खंड बघरा में गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। बघरा में सोमवार को आयोजित सामूहिक विवाह कार्यक्रम में बड़े स्तर पर बरती जा रही अनियमितताओं और रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है।
खंड विकास कार्यालय बघरा में कथित तौर पर कुछ दलालों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को संचालित किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि BDO बघरा और ADO समाज कल्याण विभाग की मौजूदगी में दलालों के माध्यम से वर-वधुओं से पैसे लेकर उनका नाम योजना में शामिल कराया गया और विवाह सम्पन्न कराए गए। चर्चा है कि एक-एक जोड़े से करीब 10 हजार रुपये तक की रकम ली गई, जिसके बाद उनका विवाह कार्यक्रम में कराया गया। इस कथित लेन-देन का वीडियो सामने आने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामले में सबसे बड़ा सवाल आंकड़ों को लेकर खड़ा हो रहा है। जानकारी के अनुसार योजना से जुड़ी फाइलों में कुल 52 वर-वधुओं को पात्र दर्शाया गया था, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर सिर्फ 43 जोड़ों का ही विवाह सम्पन्न कराया गया। बताया जा रहा है कि बाकी वर-वधुओं को कागजों में अनुपस्थित दिखा दिया गया, जबकि कई लोग मौके पर मौजूद थे। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर बाकी जोड़ों का क्या हुआ और उन्हें योजना का लाभ क्यों नहीं मिला।
ग्रामीणों का कहना है कि सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाले घरेलू सामान और सहायता राशि के वितरण में भी गड़बड़ी की गई। कुछ मामलों में पात्र लोगों को भी अपात्र बताकर योजना के लाभ से वंचित किया गया, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और दलालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि गरीब बेटियों के विवाह के लिए चलाई जा रही योजना में भी इस तरह का भ्रष्टाचार हो रहा है, तो यह सरकार की मंशा और गरीबों के अधिकार दोनों के साथ बड़ा अन्याय है।
उधर जिला समाज कल्याण अधिकारी का कहना है कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में पत्रों का चयन करके उनको सरकारी योजना का लाभ दिया जाता है।







