मुजफ्फरनगर। मेरठ रोड पर बनने जा रहा सीआईआईआईटी भविष्य की बड़ी परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। इसके बनने से हर साल 1600 कुशल युवा प्रशिक्षण पाकर अपने रोजगार को स्थापित करने के काबिल बन पायेंगे या उनको उद्योगों की मांग के अनुसार अपना हुनर दिखाने के काबिल बनाने का काम किया जायेगा।
बुधवार को हुए शिलान्यास समारोह में सेंटर ऑफ इन्वेंशन, इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एण्ड ट्रेनिंग केन्द्र का निर्माण करने वाली टाटा टैक्नालॉजी लि. पुणे के कौशल विकास इंडिया हैड रजनीकांत उपाध्याय और डिलीवरी हैड यतेन्द्र कुमार ने केन्द्र की स्थापना, निर्माण और संचालन को लेकर पीपीटी प्रजेंटेशन पर विस्तृत जानकारी दी। रजनीकांत उपाध्याय ने बताया कि टाटा टैक्नालॉजी पूरे देश में ऐसे 25 सेंटर बना रही है। यूपी के पांच जिलों में ये सीआईआईआईटी बनाने जा रही है। इनमें लखनऊ के मलीहाबाद, गोरखपुर, गौतमबुद्धनगर के जेवर, बरेली और जनपद मुजफ्फरनगर शामिल हैं। प्रत्येक केन्द्र पर 226.52 करोड़ रुपये की लागत खर्च की जा रही है। इस बजट का 13 प्रतिशत यूपी सरकार और शेष 87 प्रतिशत धनराशि टाटा टैक्नालॉजी तथा कंपनी के पार्टनर उद्योग अपने सीएसआर फंड से वहन कर रहे हैं। टाटा ही इस केन्द्र का निर्माण करा रही है और आठ माह की टाइमलाइन विभाग ने तय की है। बताया कि मई 2026 से सीआईआईआईटी में प्रवेश प्रारम्भ कर दिये जायेंगे। इसमें 16 कौशल केन्द्र स्थापित होंगे और 14 कोर्स संचालित किये जायेंगे। ये सभी औद्योगिक स्तर पर की जा रही कौशल विकास की मांग को लेकर तैयार किये गये हैं और इन कोर्स में युवाओं को वास्तविक औद्योगिक वातावरण में शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। कोर्स चार माह के होंगे और प्रत्येक वर्ष इस केन्द्र से 1600 कुशल युवा निकलेंगे और इनको ओटोमोटिव, इलेक्ट्रिक, टैक्साटाइल सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्र में आजीविका के बड़े अवसर मिलेंगे। ये सेंटर औद्योगिक विकास में नई क्रांति लायेंगे। बताया कि पांच साल तक टाटा ही इन सेंटर का संचालन करेगी और अपने छह विशेष प्रशिक्षक यहां तैनात करेगी। इसके बाद आईटीआई के ट्रेड प्रशिक्षकों को छह माह का विशेष प्रशिक्षण देने के बाद ये सेंटर आईटीआई को हैंड ओवर करने की योजना है।






