मुजफ्फरनगर। नगरपालिका परिषद् के साथ अनुबंध के आधार पर शहरी सफाई व्यवस्था के लिए काम कर रही जेएस एनवायरो सर्विसेज प्रा. लि. कंपनी ने पालिका से डेढ़ माह के कार्य के लिए 01 करोड़ 95 लाख रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया है, जबकि पालिका को टिपिंग फीस के लिए इस डेढ़ माह में अभी तक मात्र करीब डेढ़ लाख रुपया ही जमा कराया गया है।
पालिका की अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि कंपनी के द्वारा किये जा रहे कार्य को लेकर कोई गंभीर शिकायत सामने नहीं आई है। कंपनी को पालिका ने जुलाई के 15 दिन और अगस्त माह का पूरा भुगतान किया है। कंपनी को 1.30 करोड़ रुपये मासिक का भुगतान तय है। तीन वित्तीय वर्ष के 36 माह का अनुबंध पालिका ने किया है। एमआईटूसी जब तक कर्मियों का बकाया देने की लिखित गारंटी जमा नहीं कराती, उसका भुगतान नहीं किया जायेगा। जेएस एनवायरो सर्विसेज के खिलाफ यदि अनुबंध के विपरीत कार्य करने और शर्तों के उल्लंघन का मामला सामना आता है तो कंपनी पर जुर्माना लगाने का अधिकार पालिका के पास है। कार्यवाही की जायेगी।
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शर्तों का उल्लंघन कर मनमर्जी कर रही कंपनी, लुट रहा समाज
मुजफ्फरनगर। कंपनी जेएस एनवायरो में काम कर रहे कुछ कर्मचारियों ने बताया कि वेतन के नाम पर 8 से 10 हजार ही दिये जा रहे हैं, जो न्यूनतम दैनिक मजदूरी के आधार पर भी नहीं है। जिन कर्मचारियों ने सिक्योरिटी मनी का पैसा पहले जमा नहीं किया, उनके वेतन से सिक्योरिटी मनी के तय किये गये 30 हजार रुपये मासिक आधार पर किश्त के रूप में काटे जा रहे हैं। इसको लेकर वाल्मीकि समाज के लोगों ने अपने नेताओं से शिकायत भी की। सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष नीरज बिडला का कहना है कि कंपनी ने वाल्मीकि समाज के साथ लूट की दुकान खोल ली है। 30 हजार से ज्यादा भी सिक्योरिटी मनी लेने का आरोप लगाते हुए उन्होंने वो जल्द ही इस मामले में पालिकाध्यक्ष से लिखित शिकायत करेंगे। वेतन 8 हजार ही दिया जा रहा है। ऐसे में काफी कर्मचारी शोषण को देखकर नौकरी छोड़ चुके हैं। कंपनी की कार्यप्रणाली भी सही नहीं है, अभी कंपनी को तीन साल काम करना है, पहले ही दिनों में काफी शिकायत सामने आ रही हैं। समाज में इसको लेकर रोष बना हुआ है। वहीं वाल्मीकि समाज के नेता चमनलाल ढिंगान ने कहा कि सिक्योरिटी मनी लेने का कहीं भी कोई प्रावधान नहीं है, पहले भी हमने संगठन की ओर से इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए शिकायत की और प्रदर्शन भी किया था, लेकिन यह लूट जारी है। सभी वार्डों में शत प्रतिशत डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो रहा है। डलावघर बंद कराने के बाद भी सड़कों पर कू़ड़ा गन्दगी दिखाई दे रही है। खुले वाहनों से कूड़ा ले जाया जा रहा है। शर्तों का कंपनी उल्लंघन कर रही है। चमनलाल का कहना है कि वाल्मीकि समाज के युवाओं से लूट पुरानी परम्परा बन गई है। पहले एटूजेड इनफ्रास्टक्चर ने प्लांट में नौकरी के नाम पर लूटा, इसके बाद जेके इंटरनेशनल कंपनी ने 300 से ज्यादा कर्मियों को भर्ती कर सिक्योरिटी मनी के नाम पर पैसा लिया और भाग गई, इसके बाद एमआईटूसी ने भी कर्मियों का वेतन नहीं दिया और भाग गई अब जेएस एनवायरो सर्विसेज में समाज से लूट का खेल खेला जा रहा है। 10 सितम्बर को लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन है, इसके बाद यहां समाज की समस्याओं को उठाया जायेगा।






