मुज़फ्फरनगर। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में बेहतर रैंकिंग हासिल करने के बाद मुज़फ्फरनगर नगर पालिका अब शहर को गारबेज फ्री सिटी बनाने के मिशन में जुट गई है। इसी क्रम में पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने शुक्रवार को जिला अस्पताल लद्दावाला स्थित सबसे बड़ा कूड़ा डलावघर बंद करवा दिया। इस पहल से इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली और इस प्रयास की सराहना की।
पालिका चेयरपर्सन ने सफाई व्यवस्था के निरीक्षण के दौरान शहर के प्रमुख कूड़ा प्वाइंट्स और डलावघरों का निरीक्षण लिया। शहर की सफाई के लिए पालिका प्रशासन के साथ अनुबंध के आधार पर कार्य कर रही जेएस एनवायरो सर्विसेज लिमिटेड प्रा. लि. नई दिल्ली के सहयोग से पालिका ने आठ प्रमुख डलावघर पूरी तरह से बंद कर दिए हैं। इनमें जिला अस्पताल लद्दावाला के अलावा मेरठ रोड सिटी सेंटर, डीएम आवास के पास, कमला फार्म लिंक रोड गांधी कॉलोनी, भोपा पुल रेलवे लाइन के पास, रामलीला टिल्ला, ईदगाह के सामने प्रेमपुरी आदि स्थान शामिल हैं।
पालिका चेयरपर्सन ने निर्देश दिए हैं कि बंद किए गए स्थलों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए। यदि कोई व्यक्ति, दुकानदार या निजी कर्मचारी दोबारा वहां कूड़ा डालता पाया गया, तो उसके खिलाफ जुर्माना और विधिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि जिला महिला व पुरुष अस्पतालों की ओपन ड्रेनेज व्यवस्था सड़क पर गंदगी फैला रही है। इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने दोनों अस्पतालों के सीएमएस को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया है और ड्रेनेज को सीधे नाले से जोड़ने की व्यवस्था शीघ्र करने के निर्देश दिए हैं। अनुपालन न करने की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। वहीं पालिका चेयरपर्सन ने कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर नितेश चौधरी को सभी बंद डलावघरों की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। नितेश चौधरी ने बताया कि जिला अस्पताल डलावघर पर अब दो कम्पेक्टर लगाए गए हैं, जिन पर सुपरवाइज़र समेत छह कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। ये कर्मचारी वार्डों से आने वाले वाहनों से कूड़े को सीधे कम्पेक्टर में स्थानांतरित करेंगे, जिससे क्षेत्र में सड़क पर कूड़ा फेंकने की आवश्यकता नहीं रहेगी । इस दौरान भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, मंडल अध्यक्ष नंदकिशोर पाल, भाजपा नेता विकल्प जैन, सभासद कुसुमलता पाल, राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, बबीता सिंह, रितु त्यागी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।






