मुजफ्फरनगर। मौसम के बदले मिजाज के बीच में मानसून ने दिल्ली-एनसीआर के साथ उत्तर भारत समेत प्रदेश में अपनी पूरी शक्ति दिखानी शुरू कर दी है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए आॅरेंज अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके साथ ही, राज्य के करीब सभी हिस्सों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी वर्षा व 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से इस दौरान तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। यह मौसमी बदलाव एक ओर जहां तपती गर्मी से राहत देगा, वहीं दूसरी ओर लोगों को सतर्क रहने की भी जरुरत है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
मौसम विभाग के जारी अलर्ट के बीच रविवार सुबह प्रदेश के अधिकांश जनपदों के साथ जनपद मुजफ्फरनगर के ग्रामीण अंचलों के साथ नगर मुख्यालय पर हुई झमाझम बारिश ने मौसम में राहत का अहसास करा दिया। करीब आधा घंटे की इस बारिश ने नगर के मुख्य बाजारों के साथ गली-मौहल्लों व सड़कों को जलमग्न कर दिया, वहीं शहर की निचली बस्तियों में पानी भरने से लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करने को विवश होना पड़ा। वहीं घरों से जरुरी कार्यों को निकले वाहन चालकों को शिवचौक के साथ मुख्य सड़कों पर जलभराव के कारण भारी दिक्कतों से रूबरू होना पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में दुपहिया वाहन बंद हो जाने से लोगों को भारी परेशानी उठाने को विवश होते देखा गया। कहना गलत नहीं होगा कि रविवार को इस मौसम की पहली बारिश ने रविवार को नगरीय क्षेत्र को पानी-पानी कर दिया। इसके चलते जहां कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस का दंश झेल रहे लोगों को राहत की बारिश ने सकून देने का काम किया, वहीं नगरीय क्षेत्र के मुख्य बाजारों से सड़कों पर ही नहीं अपितु गली-मौहल्लों में हर ओर जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। हालांकि शिवचौक समेत अन्य बाजारों में बारिश के कुछ समय बाद पानी के उतरने का क्रम शुरू हो जाने से जलभराव की समस्या से राहत मिली, लेकिन गली-मौहल्लों से बाजारों तक व्यापारियों एवं आमजन के साथ सफाई कर्मचारियों की तमाम गैर जिम्मेदारियों का नमूना सड़कों से बाजारों और गली-मौहल्लों तक दिखाई दिया। इस बीच विभिन्न खाद्य सामग्री एवं बिक्री के दौरान सामान से निकलने वाली पन्नी, पॉलिथीन और थर्माकोल, बाजारों और सड़कों में सड़कों पर इधर से उधर पानी के ऊपर तैरते हुए दिखाई दिए, जिन्हें बारिश बन्द हो जाने के बाद व्यापारियों व आमजन को अपने प्रतिष्ठानों और घरों से हटाने के लिए पसीने छूटे रहे। इसके साथ निचली बस्तियों में जलभराव के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस बीच साकेत, ब्रह्मपुरी, इंदिरा कॉलोनी, आर्यपुरी, रामपुरी के साथ निचली बस्तियों में शुमार रामपुरी दक्षिणी, एकता बिहार, महमूद नगर, प्रेमपुरी, सरवट, खालापार समेत अन्य क्षेत्रों में पानी भर जाने से घंटों तक परेशान होते देखा गया।
उधर, ग्रामीण अंचलों में राहत की बारिश से जहां किसानों के चेहरों पर मुस्कान दौड़ गई, वहीं खेतों में खड़ी मक्का की फसल को इस बारिश से भारी नुकसान हुआ। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश से मक्का की फसल बर्बाद हो जाने से किसानों के चेहरों पर मायूसी दिखाई दी। मौसम विभाग के जारी आंकड़ों में अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के साथ 13.6 एमएम बारिश दर्ज हुई, जबकि यह आंकड़ा इससे भी कहीं अधिक हो सकता है।

भारत की संस्कृति को खत्म करने का वैश्विक षड्यंत्र चिंता का कारण: शांतनु जी
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्री बालाजी जन्मोत्सव के बीच श्री बालाजी धाम मंदिर संकीर्तन भवन मे आयोजित श्री राम कथा के चौथे दिन आचार्य श्री शांतुनु जी महाराज ने विभिन्न प्रसंगो के साथ श्री राम-सीता विवाह प्रसंग सुनाया तो श्रद्वालु आनंदित होकर झूम उठे। इस मौके पर शांतुनु महाराज ने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली है कि






