मुजफ्फरनगर। नगर के पश्चिमी छोर पर ऐतिहासिक धरोहरों में शुमार रहे मोती झील की दिशा व दशा को बदलने की कवायद सोमवार को उस वक्त तेज हो गई, जब डीएम उमेश मिश्रा के नेतृत्व में पालिका टीम ने वहां सफाई अभियान कर दिया। जिले में एक प्रमुख सुसाइड स्पॉट के रूप में अपनी पहचान बनाकर दयनीय अवस्था में पहुंची मोती झील के हालात सुधारने के लिए डीएम ने सार्थक पहल की है। शुकतीर्थ में गंगा स्वच्छता अभियान को श्रमदान की अलख जगाकर जन समर्थन जुटाने वाले डीएम उमेश मिश्रा ने अब मोती झील पदार्फाश सौंदर्यकरण करने का बीड़ा उठाया है। अभियान में कई विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों के साथ ही एनजीओ व आम जनमानस को जोड़ने की कारगर योजना है।

डीएम उमेश मिश्रा की पहल पर नगर के शामली रोड पर स्थित मोती झील को पिकनिक स्पॉट के रूप से नई पहचान देने की खातिर सोमवार को एक्सरसाइज ड्रिल के साथ ही मोती झील के सौंदर्यकरण और जल शुद्धिकरण का अभियान शुरू किया गया। अभियान में डीएम उमेश मिश्रा ने स्वयंसेवी संस्था, नगरपालिका परिषद् और अन्य विभागों की टीमों के सहयोग से मोती झील की सफाई कराई। इस बीच स्वयं डीएम व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पालिका ईओ झील की सफाई कर जलकुंभी निकालते हुए दिखाई दिए। यहां झील की सफाई के लिए पालिका की कई मशीनों को भी लगाया गया। इस मोती झील का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है और कई रहस्य इसे लेकर बने हुए हैं। आज तक भी इस झील की गहराई का कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सका। इस दौरान मुख्य रूप से एडीएम प्रशासन नरेन्द्र बहादुर सिंह, पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अतुल कुमार, सीएसएफआई योगेश कुमार, एसएफआई प्लाक्षा मैनवाल, लिपिक आकाशदीप, एनजीओ के प्रतिनिधि और अन्य विभागों के अधिकारी तथा कर्मी मौजूद रहे।
इन्होंने कहा-
डीएम उमेश मिश्रा ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि मुजफ्फरनगर की ऐतिहासिक मोती झील के सौंदर्यकरण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। इसी क्रम में एक स्वयंसेवी संस्था के माध्यम से जल शुद्धिकरण के साथ झील के आसपास के क्षेत्र को सुंदर बनाने का अभियान प्रारंभ किया गया। इसको जल्द ही एक सुन्दर एवं आकर्षक पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित करने का काम किया जायेगा। उन्होंने बताया कि बायोरिमाडिएशन द्वारा पानी का ट्रीटमेंट आर्ट आॅफ लिविंग संस्था के माध्यम से किया जायेगा, इसमें आर्गेनिक तरीके से पानी शुद्ध किया जाएगा, ताकि यहां जलीय जीवों मछलियों पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव न पड़े। इसके साथ ही झील में नालों से पहुंचने वाले गंदे पानी को रोकने की व्यवस्था की जायेगी। इसके साथ भविष्य में मोती झील के आसपास क्षेत्र में पाथ-वे, बेंच व लाइट्स आदि व्यवस्था करते हुए सौंदर्यकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि यह प्रयास सफल रहा और जल संरक्षण व जल शुद्धिकरण के सकारात्मक परिणाम मिलते हैं, तो इसी तर्ज पर आगे काली नदी में भी ऐसा अभियान चलाया जाएगा।





