मुजफ्फरनगर। यूपी में किसानों को खेती के लिए विद्युत आपूर्ति के समय में कटौती के फैसले के विरोध में किसान संगठन सड़कों पर उतर प्रदर्शन को विवश हैं। बुधवार में भाकियू अराज. के बैनर तले सैकड़ों किसानों ने इस फैसले के विरोध में मुख्य अभियंता दफ्तर का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के नाम सौंपे ज्ञापन में इस फैसले को तत्काल वापस कराते हुए फसलों में सिंचाई के लिए कम से कम 12 घंटे विद्युत आपूर्ति कृषि फीडरों से दिए जाने की मांग की ।
भाकियू अराजनैतिक प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक के नेतृत्व में अपनी मांगों को लेकर बुधवार में सैकड़ों किसानों ने द्वारिका सिटी स्थित मुख्य अभियंता विद्युत पवन अग्रवाल के कार्यालय पर पहुंचे और उनका घेराव करते हुए वहीं पर धरना शुरू कर दिया। किसान कृषि फीडरों पर विद्युत आपूर्ति के समय को घटाने का विरोध करते हुए भाकियू अराजनैतिक ने वेस्ट यूपी के सभी जिलों में मुख्य अभियंता के कार्यालय का घेराव करने का ऐलान किया था। इसी कड़ी में मेरठ, सहारनपुर और मुरादाबाद मण्डल के जिलों में धरना दिया गया। धरने पर भाकियू प्रवक्ता धर्मेन्द्र मलिक ने कहा कि पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ के अंतर्गत सभी जनपदों में निजी नलकूपों की विद्युत आपूर्ति को दो चरणों में सुबह-शाम किए जाने एवं गर्मी के समय में 10 घंटे से घटाकर 07 घंटे करना किसानों के साथ मजाक है। इस मामले में आधिकारिक स्तर पर गर्मी में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने का हवाला देने के कारण उपयुक्त नहीं है। गर्मी के दिनों में किसानों को कृषि कार्य हेतु कम से कम 12 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो आपूर्ति कृषि फीडरों के सहारे किसानों को नलकूपों के लिए दी जा रही है, वो नाकाफी है, जिससे फसलों की सिंचाई करना संभव नहीं है। दो चरणों में बराबर आपूर्ति से इतनी सिंचाई होगी, जितनी सुबह के समय आपूर्ति से होगी। इसका मुख्य कारण है कि सुबह के समय की सिंचाई गर्मी के कारण शाम तक फिर से सूख जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग करते हुए कहा कि किसानों की बिजली की जरुरत के आधार पर इन नलकूपों पर विद्युत आपूर्ति सुबह 4 बजे से 12 बजे एवं सायं 4 बजे से 8 बजे तक किए जाने की मांग की। इसके दृष्टिगत किसान हित में पूर्व की भांति आगामी तीन महीनों के लिए किसानों को 12 घंटे निर्बाध आपूर्ति किए जाने के आदेश जारी किये जायें। धरने को ठा. कुशलवीर, विपिन त्यागी, अमरपाल, विदुर त्यागी, शुभम वत्स, प्रवीण, दुष्यन्त मलिक, नौशाद, शहजाद राव, विनय त्यागी, राजीव सहरावत, बिजेंद्र बालियान, अंकित जावला ने संबोधित किया। इस दौरान बाबर प्रधान, महावीर राठी, सोमपाल सिंह, जनक पाल, ईश्वर सिंह, सुखपाल सिंह, कृष्ण राणा, एजाद, नसीम, जमील हसन, पप्पल, संजय आर्य सहित सैकड़ों किसान शामिल रहे।






