मुजफ्फरनगर। यूपी में गरीब परिवारों के लिए मददगार बन रही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत गुरूवार को 83 नवदंपत्तियों को सरकार की योजना से लाभान्वित किया गया। सदर ब्लॉक परिसर में संपन्न कार्यक्रम जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ, जिसमें वैदिक मंत्रों के साथ कुरान की आयतों के बीच धार्मिक परम्परा पूर्ण कराई गई।
सदर ब्लॉक में आयोजित हुए इस मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 83 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया, जिसमें 16 जोड़े मोरना ब्लॉक, 10 जोड़े जानसठ ब्लॉक, 28 जोडेÞ सदर ब्लॉक,16 जोड़े खतौली ब्लॉक, 04 जोड़े नगर पंचायत जानसठ, 09 जोड़े नगर पालिका परिषद मुजफ्फरनगर के शामिल हुए। इन 83 नव दंपत्तियों में 25 मुस्लिम जोड़ों का निकाह एवं 58 हिंदू जोड़ों का हिंदू रीति रिवाज के बीच विवाह संपन्न कराया गया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल का कार्यक्रम में पहुंचने पर समाज कल्याण अधिकारी विनीत मलिक द्वारा पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि उक्त सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत उन सभी गरीब बेटियों पर सरकार द्वारा 51,000 रुपए की धनराशि खर्च की जाती है, जिसमें वधू के लिए 35 हजार रुपए सीधे खाते में भेजे जाते हैं। वहीं दस हजार रुपए सामग्री पर खर्च करते हुए वधू के लिए शादी का जोड़ा, एक जोड़ी पायल, 1 जोड़ी बिछिया, वर के लिए एक जोड़ी पैंट शर्ट का कपड़ा, सेहरा, मुकुट, गमछा, 51 बर्तनों का डिनर सेट, प्रेशर कुकर एवं ट्रॉली बैग प्रदान किया गया। उन्होंने नव विवाहित वर-वधुओं को अपना आशीर्वाद देते हुए कहा कि वो दोनों अपने दायित्वों को निभाते हुए दांपत्य जीवन सुखमय व्यतीत करें। विवाह कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नव विवाहित जोड़ों को इस बीच आशीर्वाद देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख मोरना अनिल राठी, पूर्व प्रमुख अमित चौधरी, समाज कल्याण अधिकारी विनीत मलिक, विकास खंड अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने RRTS से किया सफर
लखनऊ/मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा एवं राष्ट्रहित में किए गए आह्वान के क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने गोरखपुर से लौटते समय निजी वाहन का उपयोग न करते हुए दिल्ली हवाई अड्डे से मोदीपुरम तक मेट्रो एवं ‘रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS)’ के माध्यम से






