मुजफ्फरनगर। शहर के नवीन मंडी स्थित गुड़ मंडी में विनायक ट्रेडर्स और जैन ट्रेडर्स के प्रतिष्ठानों पर बुधवार को स्टेट जीएसटी विभाग टीम ने छापेमारी की। शिकायत के आधार पर इन प्रतिष्ठानों की जांच को पहुंचे विभागीय अधिकारियों की कई घंटों की जांच-पड़ताल में बिलों की गड़बड़ी पकड़ी गई। देर सायं तक टीम ने प्रतिष्ठानों में मौजूद स्टाक की गणना करने के साथ बिलों को कब्जे में लिया है, जिसकी आगे भी जांच प्रक्रिया जारी रहेगी। देर सायं तक जारी रही छापेमारी से नवीन मंडी स्थल पर हड़कंप सा मचा रहा। छापे की सूचना पर पहुंचे व्यापारी नेता संजय मित्तल ने भी अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करते हुए जांच में सहयोग का आश्वासन दिया।
बुधवार दोपहर स्थानीय स्टेट जीएसटी की एसआइबी विंग के ज्वाइंट कमिश्नर सिद्धेश दीक्षित ने प्राप्त सूचना के आधार पर नवीन मंडी की दो फर्मों को जांच के लिए चिन्हित किया। इस बीच में प्राप्त सूचना के आधार पर डिप्टी कमिश्नर विवेक मिश्रा के नेतृत्व में जीएसटी टीम का गठन करते हुए बुधवार की दोपहर टीम जांच के लिए ब्रांडेड कंपनी के खास तेल विक्रय करने वाले कारोबारी की नवीन मंडी स्थित विनायक ट्रेडर्स और जैन ट्रेडर्स के प्रतिष्ठान पर पहुंचे। टीम के पहुंचते ही नई मंडी के व्यापारियों में हलचल मच गई। जीएसटी टीम ने प्रतिष्ठान पर पहुंचकर कारोबारी के स्टाक की गणना की, जिसके बाद वहां मिली डिवाइस और कागजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। इस दौरान टीम को यहां पर शुरूआती जांच में क्रय व विक्रय बिलों के लेनदेन की प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी मिली, जिसमें जीएसटी चोरी की आशंका भी जताई गई। इसके बाद विभागीय टीम के अधिकारियों ने बुधवार देर रात तक दस्तावेजों की जांच की। जीएसटी टीम अधिकारियों के अनुसार दोनों प्रतिष्ठानों पर माल के क्रय-विक्रय के स्टाक और बिलों में एक बड़ा अंतर मिला है। जीएसटी विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर सिद्धेश दीक्षित ने बताया कि जीएसटी टीम ने विनायक ट्रेडर्स और जैन ट्रेडर्स के प्रतिष्ठान पर जांच की है। उक्त जांच देर रात्रि तक जारी है। जांच के बाद ही जीएसटी जुर्माने की धनराशि तय करने के साथ जमा कराई जाएगी।






