मुजफ्फरनगर। बसपा सुप्रीमो एवं प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के आह्वान पर मंगलवार को प्रदेशभर में बसपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर पड़े। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की ओर से बीते दिनों दिए संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर पर की गई टिप्पणी के विरोध में मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मंगलवार को बहुजन समाज पार्टी की ओर से सैकड़ों की संख्या में टाउनहाल में एकत्र हुए कार्यकर्ताओं ने नगर में जुलुस निकालकर कलेक्ट्रेट तक मार्च किया। इस दौरान बसपा कार्यकर्ता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में केंद्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई।
बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता कलेक्टेÑट में पहुंचे और धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं सड़कों पर उतरे कार्यकर्ताओं ने इस दौरान अपने हाथों में डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर और विभिन्न नारे लिखी हुई तख्तियां भी ले रखी थी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा संसद में दिए विवादित बयान के खिलाफ कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच नगर में पैदल मार्च निकालकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताया और राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि केंद्रीय गृहमंत्री का बयान डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति अपमानजनक और जातिवादी मानसिकता को दर्शाता है। इससे बहुजन समाज सहित अन्य वर्गों के आत्म सम्मान को ठेस पहुंची है। इस दौरान बसपा नेता सुरेन्द्र सिंह मैनवाल एडवोकेट ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का यह बयान डॉ. अंबेडकर के विचारों और उनकी विरासत का अपमान है। इससे समाज में गहरी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर को बहुजन समाज अपना भगवान मानता है, ऐसे में किसी जिम्मेदार पद पर बैठे हुए मंत्री का यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्रीय मंत्री के बयान को अमर्यादित और अक्षम्य बताते हुए बसपा नेता सुशील शर्मा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह का यह बयान संविधान निर्माता एवं बहुजन समाज के प्रेरणास्रोत बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के प्रति अनादर को दर्शाता है, जो अस्वीकार्य है। कलेक्ट्रेट में अपना विरोध दर्ज कराने पहुंचे बसपा कार्यकर्ताओं ने टाउनहाल से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला और प्रदर्शन कर नारेबाजी के साथ विरोध दर्ज कराया। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर गृहमंत्री के बयान पर सख्त कार्रवाई की मांग की। बसपा कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में राष्ट्रपति से अपील की कि डॉ. अंबेडकर पर की गई टिप्पणी पर संज्ञान लिया जाए। सभी ने मांग की है कि ऐसी टिप्पणियों को गंभीरता से लिया जाए और संविधान के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए कदम उठाए जाएं।

अधिकारों और राजनीतिक भागीदारी के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा-धर्मपाल सिंह
हरिद्वार (रिपोर्टर)। ओबीसी समाज बैठक का आयोजन न्यू हरिद्वार स्थित सैन धर्मशाला में किया गया। बैठक की अध्यक्षता जाट समाज के अध्यक्ष चौधरी विनोद मलिक एवं संचालन सैन धर्मशाला के महामंत्री धर्मपाल सिंह ने किया। बैठक को संबोधित करते धर्मपाल सिंह ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग को संगठित होकर संघर्ष






