मुजफ्फरनगर। सफाई कर्मचारी संघ नगर पालिका के पूर्व पदाधिकारियों ने चेयरपर्सन के वार्डों के निरीक्षण में मिल रही खामियों को लेकर नगरपालिका प्रशासन पर उत्पीड़न किए जाने के गंभीर आरोप लगाते हुए टाउनहाल में मोर्चा खोल दिया है। इस मुद्दे को लेकर बुधवार को सफाई संघ के पदाधिकारियों ने सफाई कर्मियों संग पालिका में धरना दिया। सफाई कर्मचारी संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने सात दिसम्बर को चेयरपर्सन और ईओ के नाम सौंपे पत्र में निरीक्षण के दौरान सफाई कर्मियों और नायकों के इस बीच गैरहाजिर रहने पर उत्पीड़न करने के आरोप लगाए।
सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले संपन्न धरने पर पदाधिकारियों के आरोप लगाया कि पालिका प्रशासन ने उनके इस पत्र पर कोई संज्ञान नहीं लिया, जिस कारण से बुधवार में पूर्व पदाधिकारी और सफाई कर्मचारी धरने पर बैठने को विवश हुए। उन्होंने कहा कि वार्डों में सभासद के परिजन भी सफाई कमियों पर रौब गांठते हैं और काम बताते हैं। इससे उनका मानसिक उत्पीड़न भी हो रहा है। वहीं आउटसोर्स कर्मियों का वेतन दो माह से नहीं दिया गया। सफाई कर्मचारी संघ कार्यकारिणी का कार्यकाल भी बीते 18 नवम्बर को पूर्ण हो चुका है, ऐसे में नई कार्यकारिणी का चुनाव कराया जाये, लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। इससे पहले भी संयुक्त सफाई कर्मचारी ने 21 सूत्रीय मांग पत्र दिया था, लेकिन उस पर कोई कदम नहीं उठाया गया। धरने पर बैठे कर्मियों ने मांग की कि कार्यवाहक सफाई नायक वीरेन्द्र को उनके मूल पद सफाई कर्मचारी पर भेजने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने इस निर्णय की निंदा करते हुए कहा कि सफाई नायक निरीक्षण पर ड्यूटी पर उपस्थित रहा, लेकिन फिर भी उसके विरुद्ध कार्यवाही कर दी। पूर्व अध्यक्ष चमनलाल डिंगान ने बताया कि संयुक्त रूप से निर्णय लिया गया है कि कार्य सुचारू रखते हुए प्रतिदिन 11 से 2 बजे तक टाउनहाल परिसर में कर्मचारी धरना देंगे। इस दौरान राजेश उटवाल, मदन लाल, राजू वैद, मिलन बिडला, दीपक गहलोत, सूरज प्रकाश, दीपक कुमार, गौरव कुमार, राजेश कुमार, राजकुमार बेनीवाल समेत अन्य सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।






