मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भोपा रोड स्थित एक होटल में मंगलवार को जनपद स्तरीय आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी महोदय श्री उमेश मिश्रा ने ऑनलाइन माध्यम से की। सम्मेलन में मिशन के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सा संस्थानों और चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। निजी अस्पतालों की श्रेणी में मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज ने प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम में सहारनपुर मंडल के अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. लोकेश गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय डॉ. सुनील तेवतिया, जिला महिला चिकित्सालय की चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. मुरली भास्कर, लखनऊ से एबीडीएम कार्यक्रम की डिप्टी डायरेक्टर डॉ. शशांक बसी, आईएमए मुजफ्फरनगर के अध्यक्ष डॉ. पंकज सिंह, आईएमए के सचिव डॉ. रवि नंदन त्यागी, जनपद के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. पंकज जैन, नानकी हॉस्पिटल के डॉ. रविंद्र पाल और डॉ. यश अग्रवाल, आयुष्मान भारत योजना के जिला प्रबंधक डॉ. आकाश त्यागी तथा आयुष्मान भारत योजना के डीजीएम शौजब जैदी सहित अन्य चिकित्सक एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

निजी चिकित्सा संस्थानों में उत्कृष्ट कार्य के लिए मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त आशीर्वाद नर्सिंग होम के डॉ. हेमंत कुमार, आनंद हॉस्पिटल के डॉ. करण मारवाह और विजयश्री हॉस्पिटल के डॉ. विकास पंवार को भी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत बेहतर कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। सरकारी चिकित्सा संस्थानों की श्रेणी में जिला महिला चिकित्सालय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। जिला महिला चिकित्सालय की ओर से चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. मुरली भास्कर ने सम्मान प्राप्त किया। नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बुढ़ाना को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया, जहां से डॉ. सोनू कश्यप ने सम्मान प्राप्त किया। इसके अलावा जिला चिकित्सालय मुजफ्फरनगर,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परसोली के डॉ. विपुल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किथोड़ा के लिए जानसठ के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अर्जुन सिंह तथा नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुरी के डॉ. वालिया उस्मानी को भी उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने अपने ऑनलाइन संदेश में कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चिकित्सा संस्थानों से डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकाधिक उपयोग करने तथा मरीजों के स्वास्थ्य संबंधी अभिलेखों के डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने का आह्वान किया। सहारनपुर मंडल के अपर निदेशक महोदय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. लोकेश गुप्ता ने अपने संबोधन में डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावी बनाने और चिकित्सा संस्थानों में मिशन के उद्देश्यों को बेहतर ढंग से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने जनपद के सभी स्वास्थ्य संस्थानों से मिशन के अंतर्गत बेहतर कार्य करने और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को पहुंचाने का आवाहन किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने अपने संबोधन में कहा कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन से स्वास्थ्य सेवाओं को व्यवस्थित बनाने, मरीजों के डिजिटल स्वास्थ्य अभिलेख तैयार करने और चिकित्सा सुविधाओं को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के लखनऊ से आए डिप्टी डायरेक्टर डॉ शशांक वसी ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अंत में कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. विपिन कुमार ने सभी अतिथियों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी डॉ. गीतांजलि वर्मा ने किया।

हरिद्वार में मिठाई, पनीर, बेकरी उत्पादों सहित 08 खाद्य पदार्थों के विधिक नमूने लेकर जांच हेतु भेजे प्रयोगशाला
हरिद्वार (रिपोर्टर)। आगामी दीपावली पर्व के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने तथा मिलावट पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से माननीय खाद्य सुरक्षा आयुक्त श्री विनय शंकर पांडेय एवं जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में






