मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जूना अखाड़े के संत उमाकांतानंद सरस्वती जी ने कहा कि बाल कांड यानि बचपन और युवावस्था यानि अयोध्या कांड सुधर जाए तो जीवन का अंत समय भी सुधर जाता है। उन्होंने कहा कि माता पिता की सेवा से बड़ा कोई तीर्थ नहीं है। बचपन से संस्कार मिलें तो वृद्धावस्था में वृद्धाश्रम की आवश्यकता नहीं होती। माता पिता को वृद्धाश्रम में छोडने वाले यह भूल जाते हैं कि उन्हें भी इस अवस्था को प्राप्त होना है।

नई मंडी रामलीला भवन में छठे दिन अयोध्या कांड की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि बाल कांड अध्ययन और संस्कार सीखने का काल है। अयोध्या कांड युवावस्था का कांड है। जिसका बचपन संवर गया उसकी युवावस्था सुधर जाएगी। जिसने युवावस्था साध ली उसका बाकी जीवन तो सुधर ही जाएगा। जिसका बचपन और युवावस्था बिगड गई उसका शेष जीवन भी नहीं सुधर सकता। स्वामी जी ने कहा कि प्रभु भक्ति की कोई आयु नहीं है। जो लोग कहते हैं कि ईश्वर को कलयुग में नहीं पाया जा सकता वो गलत हैं। ऐसा होता तो मीरा, नानक, दादू, रज्जब जैसे संतों को ईश्वर नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि अर्थ के बिना सब व्यर्थ है। शब्दों का अर्थ समझ ना आएं तो व्यर्थ है। ऐसे धन संपदा शरीर और समाज भी अर्थ है। उन्होंने कहा कि स्वार्थ भी जरूरी है। जो अपने शरीर, परिवार के स्वार्थ सिद्ध नहीं कर सकता वह परमार्थ कैसे सिद्ध करता है। मरने के बाद नहीं, शरीर रहते ही मोक्ष मिलता है। रामकथा धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष सबका मार्ग दिखाती है।

स्वामी उमाकांतानंद सरस्वती ने कहा कि जीवन राम ही नहीं दो शक्तियों से चल रहा है। एक सुर शक्ति है दूसरी आसुरी शक्ति है। आसुरी शक्तियों का प्रभाव कुमार्ग पर ले जाता है। दैवीय शक्ति सद्मार्ग की ओर ले जाती है। आसुरी शक्तियां मंथरा की तरह कलह की ओर ले जाती हैं। सद्बुद्धि सुमार्ग और मंगल की ओर ले जाती है। पेट तो दो मुट्ठी आनाज से भर जाता है पर पेटी नहीं भरती। आदमी के पास खोपड़ी है जो कभी नहीं भरती। सिर्फ साधन धन दौलत वैभव से ही सुख मिलता तो आज धनिकों को नींद की गोली खाकर नहीं सोना पड़ता। उन्होंने कहा कि साधु वस्त्र या वेश से नहीं स्वभाव होता है। वो गृहस्थ भी हो सकता है। रामकथा कोई भी अच्छा वक्ता सुना सकता है लेकिन साधु कथा सुनाए तो वह सफल होती है। उन्होंने कहा कि भगवान राम की कथा जीवन मूल्यों व परिवार के अर्थ को समझाने वाली कथा है।

कथा का श्रवण करते नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, भाजपा नेता गौरव स्वरूप, भाजपा नेत्री ममता अग्रवाल, भाजपा नेता अशोक बाटला, सुनील सिंघल मावे वाले, विनीत जायसवाल, अनिल कुमार गौतम, बृजेश कुमार, विनोद संगल, कमेटी के संरक्षक भीम सेन कंसल, अध्यक्ष संजय मित्तल, और मंत्री अशोक गर्ग, कोषाध्यक्ष आदित्य भरतिया, ब्रज गोपाल छारिया, कैलाश चंद ज्ञानी, ऋषिराज राही, राजीव अग्रवाल, अभिषेक कुच्छल, संजय जिंदल काका, प्रवीण कुमार,एडवोकेट विवेक गर्ग, राजेश गोयल, उपेंद्र मित्तल, विदित गुप्ता, राजेंद्र सिंघल, अनिल गोयल, सुभाष गुप्ता, नरेश गुप्ता, मुकेश गुप्ता एवं उपस्थित श्रद्धालुगण | कार्यक्रम का मंच संचालन भारत भूषण द्वारा किया गया |

यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा ने घोषित किए आठ उम्मीदवार
लखनऊ (रिपोर्टर)। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के लिए भाजपा ने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को प्रत्याशी






