मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद के बुढ़ाना के डीएवी कॉलेज मैदान पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से आयोजित जाट महासम्मेलन में केंद्रीय नौकरियों में जाट विरोध बिरादरी को आरक्षण की मांग को लेकर लंबा संघर्ष करने का ऐलान किया गया है। समिति के राष्ट्रीय संयोजक यशपाल मलिक ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए घोषणा की कि यहां से शुरू हुआ यह कारवां अब पूरे प्रदेश के हर जिले तक पहुंचेगा।

जाट बिरादरी के आरक्षण के मुद्दे पर बुलाए गए इस महासम्मेलन में यशपाल मलिक ने कहा कि जाट समाज को वर्ष 2000 में उत्तर प्रदेश की ओबीसी सूची में शामिल किया गया था, जिसके बाद 2006 से 2014 तक एक लंबा राष्ट्रव्यापी आंदोलन चला। मार्च 2014 में जाटों को केंद्रीय सेवाओं में विनम्रता को मैसेज कर आरक्षण मिला था, लेकिन तकनीकी कारणों से वह रद्द हो गया। उन्होंने याद दिलाया कि 26 मार्च 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं जाट प्रतिनिधियों के सामने कानून बनाकर आरक्षण देने का वादा किया था, जो आज भी अधूरा है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हाजी अलमास चौधरी ने स्पष्ट किया कि जाट आरक्षण का लाभ उत्तर प्रदेश में हिंदू, मुस्लिम, सिख और बिश्नोई जाट सभी उठा रहे हैं। अब केंद्रीय आरक्षण की लड़ाई में भी सभी धर्मों के जाट पहले की तरह कंधे से कंधा मिलाकर साथ रहेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रताप सिंह दहिया ने कहा कि जाट समाज को अपने अधिकारों के प्रति खड़ा होना होगा। प्रदेश अध्यक्ष जगतवीर सिरोही ने आगामी कार्यक्रमों में जानकारी देते हुए बताया कि 25 अक्टूबर को बुलंदशहर के नुमाइश मैदान में जाट सम्मेलन होगा। इसके पश्चात नवंबर में मथुरा और दिसंबर में बिजनौर में सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम का संचालन कर रहे महासचिव वीरपाल राणा ने बताया कि आंदोलन में आई शिथिलता को दूर करने के लिए उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में संगठन का पुनर्गठन किया जा रहा है। इस दौरान दिल्ली, हरियाणा, गाजियाबाद, बागपत, शामली और सहारनपुर सहित कई जिलों से आए पदाधिकारियों ने आंदोलन को समर्थन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएस अहलावत ने की। कार्यक्रम के बाद अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं संयोजक यशपाल मलिक ने देश की महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन एसडीएम सत्येन्द्र कुमार सिंह को सौंपा। इस महासम्मेलन को लेकर पुलिस ने अपने अच्छी व्यवस्था की थी।

यूपी की 10 राज्यसभा सीटों के लिए भाजपा ने घोषित किए आठ उम्मीदवार
लखनऊ (रिपोर्टर)। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव के लिए भाजपा ने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पाण्डेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार को प्रत्याशी






