मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। चौधरी छोटूराम पी.जी. कॉलेज में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न लालबहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रमों का गरिमापूर्ण आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महात्मा गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता एवं राष्ट्रसेवा के आदर्शों तथा लालबहादुर शास्त्री जी के सादगी, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा एवं राष्ट्रभक्ति के जीवन-मूल्यों को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 9:00 बजे महाविद्यालय परिसर में ध्वजारोहण के साथ हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. के.पी. सिंह ने मुख्य अतिथि एवं सामाजिक कार्यकर्ता तथा उद्योगपति श्री कुश पुरी की गरिमामयी उपस्थिति में ध्वजारोहण किया। इसके पश्चात सभी उपस्थितजनों द्वारा सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया गया।
मुख्य अतिथि श्री कुश पुरी ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी जी के सत्य एवं अहिंसा के सिद्धांतों तथा लालबहादुर शास्त्री जी के सादगीपूर्ण एवं अनुकरणीय जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दोनों महान विभूतियों का जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन में अनुशासन, ईमानदारी, परिश्रम, स्वावलंबन एवं राष्ट्रहित की भावना को अपनाने का आह्वान किया।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. के.पी. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महात्मा गांधी जी ने सत्य और अहिंसा को स्वतंत्रता आंदोलन का प्रभावी माध्यम बनाकर पूरे विश्व को मानवता एवं शांतिपूर्ण संघर्ष का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि गांधी जी का जीवन केवल स्वतंत्रता प्राप्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि स्वच्छता, ग्राम स्वराज, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समरसता और नैतिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी प्रासंगिक है। प्राचार्य ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री लालबहादुर शास्त्री जी को स्मरण करते हुए कहा कि शास्त्री जी ने अपने सार्वजनिक जीवन में सादगी, विनम्रता, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी मिसाल प्रस्तुत की, जो भारतीय लोकतांत्रिक जीवन में सदैव प्रेरणादायी रहेगी। उन्होंने देशवासियों में आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने का कार्य किया। उनका प्रसिद्ध आह्वान “जय जवान, जय किसान” देश के सैनिकों और किसानों के प्रति सम्मान तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है।कार्यक्रम का संचालन डॉ. ओमबीर सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए दोनों महान विभूतियों के जीवन एवं योगदान पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में डॉ. संदीप कुमार, डॉ. जी.आर. किशोर, डॉ. आर.के. सिंह, डॉ. साहदेव मान, डॉ. सुभाष विकल,डा आई डी शर्मा, डा सायोनी दास, डा सुधीर पाल, डा एच एस राठौर सहित अन्य शिक्षकगण ने भी अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने गांधी जी और शास्त्री जी के जीवन के विभिन्न प्रेरणादायी प्रसंगों का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने व्यवहार एवं जीवन में आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की तथा महात्मा गांधी जी और लालबहादुर शास्त्री जी के जीवन, स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान, राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका एवं उनके आदर्शों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने कहा कि इन महान विभूतियों का जीवन युवाओं को सत्य, अनुशासन, परिश्रम, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने दोनों महान राष्ट्रनायकों के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि एवं कृतज्ञता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र के इन महान सपूतों के आदर्शों को केवल जयंती समारोह तक सीमित न रखकर दैनिक जीवन में अपनाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।। अंत में सभी उपस्थितजनों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं भारत रत्न श्री लालबहादुर शास्त्री जी के आदर्शों को आत्मसात करने तथा राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

न्यायालय में कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में गांधी जयंती पर निकाली तिरंगा यात्रा
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमन्त्री लाल बहादुर शास्त्री की जंयती पर जनपद न्यायालयों में कार्यरत कर्मचारियो ने उत्तर प्रदेश शासन के समक्ष लम्बित चली आ रही अपनी विभिन्न मांगों व समस्याओं के ध्यानाकर्षण हेतु जिला न्यायालय परिसर में तिरंगा यात्रा निकाली। दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ के प्रादेशिक नेतृत्व के आह्वान पर प्रदेश






