मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्री राम पॉलिटेक्निक में इंजीनियर्स डे के अवसर पर इंजीनियर्स क्लब केन्द्रीय शाखा मुजफ्फरनगर एवं श्री राम पॉलिटेक्निक के संयुक्त तत्वावधान में भव्य समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में पॉलिटेक्निक के प्रथम, द्वित्तीय एवं तृत्तीय वर्ष के मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित करते हुए प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम का शुभांरभ मुख्य अतिथियों एवं विषिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा गणेष वंदना प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं रंगारंग प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्षन किया। मुख्य अतिथि के रूप में इ0 वीरसैन छोक्कर, इंडिया पोटाष लिमिटेड (षुगर यूनिट) रोहना कलाँ, मुजफ्फरनगर, इं0 सुधीर कुमार अग्रवाल अधीक्षक इंजीनियर (ईयूडीसी), मुजफ्फरनगर, जैस्मिन फौजदार डिप्टी कमिष्नर, आषीष कुमार सहायक कमिष्नर, राजकुमार ए0जी0 एम0, डॉ0 अष्वनी कुमार प्रधानाचार्य श्रीरामपॉलिटेक्निक कार्यक्रम के संयोजक इं0 बसंत कुमार गोयल संयोजक, इंजीनियर्स क्लब, केन्द्रीय शाखा, उपस्थित रहे। इंजीनियर्स डे के अवसर पर वक्ताओं ने भारत रत्न सर डॉ0 मोक्ष गुंडम विष्वेष्वैया के जीवन, व्यक्तित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनके अभूतपूर्व योगदान पर विस्तार से प्रकाष डाला। सर विष्वेष्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को हुआ था और उनकी जयंती के अवसर पर भारत में इंजीनियर्स डे मनाया जाता है। वे महान सिविल इंजीनियर होने के साथ-साथ कुषल प्रषासक और दूरदर्षी राष्ट्रनिर्माता भी थे।उन्हे 1955 में भारत रत्न से सम्मानितकियागयद्यसरविष्वेष्वरैया ने जल प्रबंधन, सिचांई, बाढ़, नियंत्रण और आद्यौगिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये। कृष्ण राजसागर बांध, जल प्रबंधन की आधुनिक तकनीकी को ंतथा स्वचालित जल-द्वारों से जुडें उनके कार्य आज भी उनकी इंजीनियरिंग प्रतिभा और दूरदर्शिता के उदाहरणहै। मैसूर के दीवान के रूप् में उन्होने उद्योग, शिक्षा और तकनीकी विकास को भी बढ़ावा दिया।वक्ताओं ने कहा कि आज के भारत को सरविष्वेष्वरैया के जीवन से केवल इंजीनियरिंग का ज्ञान ही नहीं, बल्कि अनुषासन, समय की पाबंदी, कड़ी मेहनत, ईमानदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रहित को सवौपरि रखने की प्रेरणा लेनी चाहिए।वर्तमान समय मे जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, तब इंजीनियरा ेंऔर तकनीकी विद्यार्थियांे की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। नई तकनीकी को अपनाने के साथ-साथ उसका उपयोग समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान और राष्ट्र के विकास के लिए करना ही सरविष्वेष्वरैयाा के प्रतिसच्ची श्रृद्धांजली होगी। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी उनके योगदान को आधुनिक भारत के इंजीनियरिंग परिदृश्य की आधारषिला के रूप् में रेंखाकित कियाहै। समारोह में प्रथमवर्ष, द्वित्तीय वर्ष एवं तृतीय वर्ष के प्रथम, द्वित्तीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मंच पर सम्मानित किया गया तथा उन्हंे प्रमाण-पत्र प्रदान किए गये। अतिथियों ने विद्यार्थियों को निरंतर अध्ययन, तकनीकी कौषल विकास और अनुषासन के साथ अपने लक्ष्य की और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने कहा कि देश के विकास मंे इंजीनियरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आने वाली पीढ़ी के तकनीकी विद्यार्थिया ेंका ेकेवल डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त करने तक सीमित न रहकर व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार, शोध और समाजोपयोगी तकनीक पर ध्यान केन्द्रीत करना चाहिए।
श्रीराम ग्रुप ऑफ कालेजेज के फाउंडर चेयरमेन डॉ0 एस0सी0 कुलश्रेष्ठ ने छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि देष की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने और लोगो के जीवन को बेहतर बनाने के लिए नवीनतम ज्ञान, आधुनिक तकनीकी और गुणी अभियन्ता आवष्यक तत्व है। इं0 बसंत कुमार गोयल ने सभी मुख्य अतिथियों , विषिष्ट अतिथियों, षिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। समारोह मे ंविद्यार्थियों एवं षिक्षकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही और पूरे परिसर मंे इंजीनियर्सडे का उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य डॉ0 अष्वनी कुमार ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को इंजीनिरिंग के क्षेत्र में बढ़ती सम्भावनाओं और जिम्मेदारीयों के बार ेमे बताया। उन्होने विद्यार्थियों से सरविष्वेष्वरैया के आदर्षाे को अपने जीवन में अपना ने का आग्रह किया। प्रधानाचार्य ने सभी मुख्य अतिथियों, विषिष्ट अतिथियों इंजीनियर क्लब एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई विश्वकर्मा जयंती
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी, मुजफ्फरनगर के प्रार्थना सभा स्थल पर श्री विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा के दिव्य व्यक्तित्व, सृजनशीलता, शिल्प-कौशल एवं कर्मयोगी जीवन से विद्यार्थियों को परिचित कराया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में आचार्या पूर्णिमा






