मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी, मुजफ्फरनगर के प्रार्थना सभा स्थल पर श्री विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा के दिव्य व्यक्तित्व, सृजनशीलता, शिल्प-कौशल एवं कर्मयोगी जीवन से विद्यार्थियों को परिचित कराया गया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में आचार्या पूर्णिमा कपूर ने अपने ओजस्वी एवं ज्ञानवर्धक विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा के जीवन एवं चरित्र का कथाओं के माध्यम से सुंदर चित्रण करते हुए विश्वकर्मा जयंती मनाए जाने के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान विश्वकर्मा भारतीय परंपरा में सृजन, निर्माण, तकनीकी कौशल, परिश्रम एवं उत्कृष्टता के प्रतीक माने जाते हैं। उनका जीवन हमें अपने कार्य को निष्ठा, लगन और पूर्ण समर्पण के साथ करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके नागरिकों के ज्ञान, कौशल, परिश्रम और रचनात्मक सोच पर निर्भर करती है। अतः विद्यार्थियों को अपने भीतर सृजनात्मकता, कर्मठता एवं नवाचार की भावना विकसित करनी चाहिए।
कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों को आत्मसात करने तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या वंदना शर्मा ने सभी को श्री विश्वकर्मा जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए विद्यार्थियों को अपने कर्मक्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मुख्य वक्ता सहित समस्त विद्यालय परिवार के सहयोग एवं सहभागिता की सराहना की। समस्त विद्यालय परिवार की सहभागिता से कार्यक्रम गरिमापूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

सादगी से मनाया गया साध्वी नेहा आनंद देव का अवतरण दिवस
हरिद्वार (हरिद्वार)। श्री अवधूत मंडल आश्रम के परमाध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी संतोषानंद देव महाराज की परम शिष्या साध्वी नेहा आनंद देव का अवतरण दिवस सादगी से मनाया गया। इस अवसर पर सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूष और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और हनुमान जी को 56 भोग लगाया गया।






