मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद न्यायालय में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें कुल 4,41,556 वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत का शुभारंभ प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गरिमा सिंह- द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। प्रभारी जनपद न्यायाधीश ने अपने सम्बोधन में राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह कहा गया कि लोक अदालत का उद्देश्य वादकारियों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करना होता है। इसमें होने वाले फैसले में हार जीत का कोई प्रश्न नहीं रह जाता है, क्योंकि जब वादकारी आपसी समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करते हैं तो उनके मध्य आपसी सौहार्द बना रहता है एवं उनके अमूल्य समय की बचत भी होती है।

प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) खलीकुज्जमां ने पारिवारिक मामलों को सुलह समझौते के आधार पर निस्तारित किये जाने पर बल दिया। आज लोक अदालत मे पारिवारिक न्यायालयों के द्वारा 125 मामलों का सुलह समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जिला जज/एफटीसी (कोर्ट संख्याः-03) रवि कुमार दिवाकर ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत विवादों को सुलह-समझौते के माध्यम से निस्तारित कराने का एक बहुत बड़ा माध्यम है तथा त्वरित न्याय प्राप्त करने का एक अत्यन्त महत्वपूर्ण साधन है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सिविल जज (सी.डि.) डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल चार लाख इकतालीस हज़ार पाँच सौ छप्पन (4,41,556) प्रकरण निस्तारित किये गये। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण श्रीमती आदेश नैन के द्वारा कुल 107 वादों का निस्तारण राष्ट्रीय लोक अदालत में किया गया एवं 9,45,82,000 रूपये प्रतिकर प्रदान किया गया। मुजफ्फरनगर के विभिन्न न्यायालयों के द्वारा कुल 5,630 शमनीय फौजदारी एवं 34 दीवानी वादों का निस्तारण करते हुए फौजदारी वादों मे 12,59,080 रूपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया तथा दीवानी वादों में 19,07,546 रूपये का उत्तराधिकार आदि का अनुतोष प्रदान किया गया। 138 एनआई एक्ट न्यायालय के द्वारा कुल 39 वादों का निस्तारण करते हुए 1,17,33,743 रूपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया। मुजफ्फरनगर के स्थायी लोक अदालत न्यायालय के द्वारा कुल 12 वादों का निस्तारण करते हुए 43,50,000/- रूपये का अर्थदण्ड वसूल किया गया। जनपद के जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियों द्वारा कुल 13,030 राजस्व मामलों का निस्तारण कर 69,37,610/- रूपये का राजस्व वसूल किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों के द्वारा 352 बैंक ऋण मामले निस्तारण कराकर लगभग 5,67,13,575/- रुपये की धनराशि का सेटलमेंट किया गया।
इस अवसर पर जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमोद त्यागी, महासचिव सुरेन्द्र मलिक, सिविल बार संघ के अध्यक्ष सुगंध जैन, महासचिव सतेन्द्र कुमार, अपर जिला जज विजय कुमार, अनुराग पंवार, मनोज कुमार सिद्ध, श्रीमति रेखा सिंह, काशिफ शेख, ज्योति सिंह, दिनेश प्रताप सिंह, मंजुला भलोटिया, ज्योत्सना सिवाच, शिव कुमारी, रवि कुमार दिवाकर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता अग्रवाल, रघुवंश मणी सिंह अपर सिविल जज (सी.डि.), अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. देवेन्द्र सिंह फौजदार, सिविल जज (सी.डि.) वरूणा बसिस्ट, जसीम खान, प्रगति सिंह, सोमिया मिश्रा, सिद्वार्थ बरगोटी, सिविल जज (जू.डि.) ईशिका सिंह, अपर सिविल जज (जू.डि.) शालिनी चौधरी, अनिष्का चौधरी, मणी वर्मा, शेफाली यादव, शिवजी यादव, वृाहय न्यायालय सिविल जज जू.डि. (जानसठ) अभिषेक कुमार, वृाहय न्यायालय सिविल जज जू.डि. (बुढाना) अमित यादव, ग्राम न्यायालय (खतौली) दिव्य प्रताप सिंह निमेष, भारतीय स्टेट बैंक के डीजीएम राजकुमार सिंह, एजीएम सुधीर कुमार, लीड बैंक डिस्ट्रिक्ट मैनेजर अनिल सिंह, सहित समस्त न्यायिक अधिकारी, समस्त बैंको के अधिकारी एवं बडी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।

श्रीबालाजी धाम मंदिर में सुंदरकांड पाठ के 25 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य कार्यक्रम आयोजित
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद के श्रीबालाजी धाम मंदिर सेवा समिति के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में बालाजी महाराज के भक्तों ने श्रद्धा और भक्ति के साथ सुंदरकांड का संगीतमय पाठ किया। इसके साथ ही श्रीराम मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए। श्री बालाजी धाम मंदिर सेवा समिति द्वारा






