मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर) मुजफ्फरनगर में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने श्रावण कांवड़ यात्रा के दौरान स्थापित चिकित्सा शिविरों का निरीक्षण करते हुए सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने विभिन्न चिकित्सा शिविरों में पहुंचकर स्वयं कांवड़ियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, घायलों की प्राथमिक चिकित्सा की, पट्टियां बांधी तथा आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। कांवड़ियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा स्वयं चिकित्सा सेवाएं प्रदान किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त की। डॉ. सुनील तेवतिया ने सभी चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए तथा 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कांवड़िया श्रद्धालु को त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसके उपरांत मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोरना, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहादरपुर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिखेड़ा में आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवा वितरण, जांच व्यवस्था एवं चिकित्सीय सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले में आने वाले प्रत्येक लाभार्थी को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा शासन की जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जाए।

मुजफ्फरनगर-कांवड़ कंट्रोल रूम बना मां-बेटी के लिए मददगार, छह घंटे बाद फिर से हुआ मिलन
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ में बिछड़ने की घटनाओं से निपटने के लिए जिला पुलिस प्रशासन द्वारा बनाई व्यवस्था एक बार फिर कारगर साबित हुई। रामपुर तिराहा के अस्थायी थाने और शिवचौक कांवड़ कंट्रोल रूम की त्वरित कार्रवाई से छपार क्षेत्र में अपनी मां से बिछड़ी 16 वर्षीय कांवड़िया युवती को






