मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। श्रीराम कॉलेज के बेसिक साइंस विभाग के छात्रों ने एमएससी (जंतु विज्ञान) के चतुर्थ सेमेस्टर में शत प्रतिशत रिजल्ट देकर सफलता का परचम लहराया। एमएससी (जंतु विज्ञान) के चतुर्थ सेमेस्टर की मेरिट सूची में कीर्ति वर्मा ने 8.70 सीजीपीए प्राप्त कर प्रथम स्थान, अनुष्का मौर्या ने 8.25 सीजीपीए प्राप्त कर द्वितीय स्थान और प्राची और सफिया ने संयुक्त रूप से 7.95 सीजीपीए प्राप्त करके तृतीय स्थान प्राप्त किया। मेरिट सूची में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने इस सफलता का श्रेय भगवान, माता-पिता एव अध्यापकों को देते हुये उनका धन्यवाद दिया। उन्होंनें बताया कि सफलता प्राप्त करने में अध्यापकों ने बहुत सहयोग दिया है। इस अवसर पर श्रीराम कॉलेज की कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. सौरभ मित्तल ने विद्यार्थियों द्वारा उच्चतम अंक प्राप्त करने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंनें विभाग के सभी प्रवक्ताओं को उनके सतत प्रयासों के लिए सराहना की तथा भविष्य में भी इसी प्रकार की सफलताओं के आकाश को छूने की आशा व्यक्त की।
इस अवसर पर श्रीराम कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. विनीत कुमार शर्मा ने सभी छात्र-छात्राओं को बधाई दी। संकाय के सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को आर्शीवाद देते हुये उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुये कहा कि विद्यार्थियों ने शिक्षकों का मान बढ़ाया है।
इस अवसर पर बेसिक साइंस संकाय की डीन डॉ पूजा तोमर ने बताया कि बेसिक साइंस विभाग में बीएससी (गणित), बीएससी (जीव विज्ञान), एमएससी (रसायन विज्ञान), एमएससी (वनस्पति विज्ञान), एमएससी (जंतु विज्ञान) एवं एमएससी (गणित) पाठ्यक्रम का संचालन महाविद्यालय में हो रहा है जिसमें विद्यार्थी उच्चतम अंक प्राप्त कर शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के साथ महाविद्यालय का नाम रोशन कर रहे है। छात्रों को सम्मानित करने के मौके पर डॉ ऋषभ भारद्वाज एवं प्रवक्ता डॉ मनोज मित्तल, डॉ रीतू पुंडीर, मीनल मान, विवेक , अंजलि गोयल, सचिन शर्मा, महक नाज़, आशीष तिवारी, राहुल कुमार आदि ने सभी को बधाई दी।

भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई विश्वकर्मा जयंती
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। भागवन्ती सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, नई मंडी, मुजफ्फरनगर के प्रार्थना सभा स्थल पर श्री विश्वकर्मा जयंती श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में भगवान विश्वकर्मा के दिव्य व्यक्तित्व, सृजनशीलता, शिल्प-कौशल एवं कर्मयोगी जीवन से विद्यार्थियों को परिचित कराया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में आचार्या पूर्णिमा






