अयोध्या (रिपोर्टर)। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अयोध्या का संत मंडल उनके समर्थन में खुलकर सामने आ गया है। प्रेस वार्ता में संतों ने ट्रस्ट से अपील की कि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। संतों ने कहा कि वे लंबे समय से चंपत राय को जानते हैं और उनकी निष्ठा, ईमानदारी तथा कार्यशैली पर उन्हें पूरा भरोसा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि चंपत राय पूरी तरह निर्दोष हैं और उनके खिलाफ फैलाए जा रहे आरोप निराधार और तथ्यहीन हैं। संत समाज ने मीडिया में चल रही कथित अफवाहों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि बिना तथ्यों के किसी की छवि खराब करना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि चंपत राय ने स्वयं पूरे मामले की एसआईटी जांच की मांग की है, जो उनकी पारदर्शिता और न्यायप्रियता को दर्शाता है। सरकार द्वारा एसआईटी गठित किए जाने के कदम को भी संतों ने सराहनीय बताया। प्रेस वार्ता में संतों ने राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि से भी कई सवाल उठाए और कोष की सुरक्षा तथा ट्रस्ट की हालिया बैठकों के समय को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की।

केवल भक्ति से ज्ञान प्राप्त नहीं हो सकता : उमाकांतानंद सरस्वती
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जूना अखाङा के महामंडलेश्वर संत उमाकांतानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जी मर्यादा और कृतित्व सिखाने के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के कान नहीं होते आंख होती हैं। आप जो व्यवहार करेंगे वही सीखेंगे। नई मंडी रामलीला भवन में आयोजित भगवान श्री राम कथा






