मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट के चेयरमैन अशोक बालियान ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान व केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) मंत्री जयंत चौधरी को एक पत्र लिखते हुए कहा है कि भारत कृषि प्रधान देश है। यहां के कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि महाविद्यालयों तथा इंटरमीडिएट (कृषि) संस्थानों से प्रतिवर्ष हजारों विद्यार्थी कृषि शिक्षा प्राप्त करते हैं। किंतु वर्तमान कृषि शिक्षा का बड़ा भाग अभी भी पारंपरिक खेती तक सीमित है, जबकि विश्व कृषि क्षेत्र तीव्र गति से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), कृषि ड्रोन, रोबोटिक्स, प्रिसिजन फार्मिंग, डेटा एनालिटिक्स, GIS, IoT तथा CAD/CAM/CAE आधारित कृषि इंजीनियरिंग की ओर अग्रसर हो चुका है।
आज अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, नीदरलैंड, इजराइल, जापान तथा खाड़ी देशों में कृषि तकनीक विशेषज्ञों, कृषि ड्रोन ऑपरेटरों, कृषि डेटा विश्लेषकों, ग्रीनहाउस विशेषज्ञों, कृषि मशीनरी डिजाइन इंजीनियरों, फूड प्रोसेसिंग विशेषज्ञों तथा एग्री-बिजनेस प्रोफेशनल्स की मांग निरंतर बढ़ रही है। यदि भारत, विशेषकर उत्तर प्रदेश, समय रहते कृषि शिक्षा को वैश्विक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पुनर्गठित कर दे, तो लाखों युवाओं को देश एवं विदेश में उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार उपलब्ध हो सकते हैं।
उत्तर प्रदेश आम, आलू, गन्ना, दूध, सब्जी एवं खाद्यान्न उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में है। यदि कृषि शिक्षा को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर कृषि मूल्य श्रृंखला (Value Chain), कृषि निर्यात, खाद्य प्रसंस्करण, कृषि वित्त, कृषि विपणन एवं कृषि तकनीक से जोड़ा जाए, तो राज्य के ग्रामीण युवाओं के लिए विशाल रोजगार अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
अतः विनम्र अनुरोध है कि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), उत्तर प्रदेश सरकार, कृषि विश्वविद्यालयों, डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU), IIT कानपुर आदि तथा कृषि एवं एग्री-टेक उद्योगों के सहयोग से एक व्यापक कौशल विकास कार्यक्रम प्रारंभ करने की कृपा करें।
मेरे विनम्र सुझाव निम्नलिखित हैं—
1. कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि महाविद्यालयों में “Global Agri Business & Technology School” की स्थापना की जाए, जहां निम्न आधुनिक विषयों में रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम संचालित किए जाएं—
• कृषि ड्रोन तकनीक एवं GIS
• AI एवं कृषि डेटा एनालिटिक्स
• CAD/CAM/CAE आधारित कृषि मशीनरी डिजाइन
• कृषि रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन
• प्रिसिजन एवं स्मार्ट फार्मिंग
• वर्टिकल एवं हाइड्रोपोनिक फार्मिंग
• कृषि निर्यात एवं वैश्विक व्यापार
• खाद्य प्रसंस्करण एवं कोल्ड चेन प्रबंधन
• कृषि वित्त, कृषि बीमा एवं एग्री-बिजनेस प्रबंधन
2. उत्तर प्रदेश सहित देश में चरणबद्ध रूप से “कृषि CAD/CAM/CAE सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” स्थापित किए जाएं, जिनमें निम्न सुविधाएं उपलब्ध हों—
• CAD डिजाइन लैब
• CAM एवं CNC मशीनिंग लैब
• CAE सिमुलेशन लैब
• कृषि ड्रोन प्रशिक्षण केंद्र
• GIS एवं रिमोट सेंसिंग लैब
• AI एवं डेटा एनालिटिक्स प्रयोगशाला
• कृषि रोबोटिक्स लैब
• कृषि मशीनरी प्रोटोटाइप निर्माण केंद्र
• स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर
3. इंटरमीडिएट (कृषि) एवं कृषि स्नातकों के लिए नए कौशल आधारित डिप्लोमा एवं प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं, जैसे—
• Smart Farming Technology
• Agricultural Robotics & Automation
• Precision Farming Technician
• Agri Data Analytics
• Agri Export-Import Management
• Agricultural Insurance & Risk Management
• Cold Chain & Food Processing Management
• Agri Equipment Design (CAD/CAM/CAE)
4. प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट सेल स्थापित किया जाए, जो विदेशी कृषि कंपनियों एवं वैश्विक नियोक्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को रोजगार उपलब्ध कराने में सहायता करे।
5. कृषि विद्यार्थियों के लिए विदेशी भाषा प्रशिक्षण (अंग्रेजी, जर्मन, जापानी एवं अरबी) की व्यवस्था की जाए, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय रोजगार के लिए प्रतिस्पर्धी बन सकें।
6. कृषि-तकनीक आधारित स्टार्टअप्स को सीड फंड, तकनीकी सहायता तथा उद्योग साझेदारी उपलब्ध कराई जाए, जिससे युवा स्वरोजगार एवं नवाचार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
7. एक उच्च स्तरीय संयुक्त राष्ट्रीय टास्क फोर्स गठित की जाए, जिसमें कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, ICAR, IIT कानपुर, AKTU, कृषि विश्वविद्यालयों तथा प्रमुख कृषि एवं एग्री-टेक उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल हों। यह टास्क फोर्स छह माह के भीतर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करे।
इस पहल से संभावित लाभ—
• कृषि छात्रों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण रोजगार प्राप्त होंगे।
• उत्तर प्रदेश कृषि-तकनीक, एग्री-बिजनेस एवं कृषि निर्यात का अग्रणी केंद्र बन सकेगा।
• कृषि मशीनरी एवं एग्री-टेक उद्योगों का विकास होगा।
• ग्रामीण युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे।
• कृषि लागत कम होगी तथा उत्पादकता एवं प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।
• राज्य में विदेशी निवेश एवं तकनीकी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।
• भारत वैश्विक कृषि मूल्य श्रृंखला में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेगा।
आपके मंत्रालय का उद्देश्य देश के युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान करना है। कृषि क्षेत्र में इस प्रकार की दूरदर्शी पहल न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के कृषि युवाओं के भविष्य को नई दिशा प्रदान करेगी तथा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

मुजफ्फरनगर में स्विमिंग पूल का चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप एवं गौरव स्वरूप ने किया शुभारंभ
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। नगर में जानसठ रोड पर एसकेबी आरोग्यम हॉस्पिटल के निकट टारगेट स्पोर्ट्स एकेडमीमें स्विमिंग पूल का नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप एवं वरिष्ठ भाजपा नेता गौरव स्वरूप ने फीता काटकर उद्घाटन किया। उन्होंने स्पोर्ट्स एकेडमी परिसर का भ्रमण कर इसकी प्रशंसा की। टारगेट स्पोर्ट्स एकेडमी का भव्य शुभारंभ दोपहर के समय मंत्री






