मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। त्रिवेणी शुगर मिल, खतोली स्थित माँ वैष्णो देवी मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तृतीय दिवस पर कथा व्यास पूज्य पंडित गंगोत्री तिवारी ‘मृदुल’ जी महाराज ने दिव्य प्रसंगों का मार्मिक वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति एवं वैराग्य का मार्ग दिखाया। कथा में मिल के अधिकारी, कर्मचारी, गन्ना किसान एवं क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सृष्टि का विस्तार: महाराज श्री ने ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि रचना तथा नारद जी को प्राप्त हुए दिव्य ज्ञान की कथा सुनाई और बताया कि सम्पूर्ण सृष्टि का मूल परमात्मा ही है।
दक्ष-सती प्रसंग: दक्ष प्रजापति द्वारा आयोजित यज्ञ में भगवान शिव का अपमान तथा माता सती के आत्मदाह की हृदयस्पर्शी कथा सुनाई गई। महाराज जी ने बताया कि अहंकार और ईश्वर-निंदा का परिणाम सदैव विनाशकारी होता है, और सच्ची भक्ति में समर्पण ही सर्वोपरि है।

वराह अवतार: भगवान विष्णु द्वारा पृथ्वी की रक्षा हेतु वराह रूप में अवतार लेकर हिरण्याक्ष का वध करने की लीला का वर्णन किया गया। यह प्रसंग प्रभु की शरणागत-वत्सलता को दर्शाता है। कपिल गीता: भगवान कपिल मुनि द्वारा अपनी माता देवहूति को दिए गए सांख्य योग के ज्ञान का विस्तार से वर्णन किया गया, जो वैराग्य और आत्मज्ञान का मार्ग प्रशस्त करता है।
पूज्य मृदुल जी महाराज ने कहा कि “प्रभु का स्मरण ही मानव जीवन का परम लक्ष्य है।” उन्होंने अहंकार त्यागकर, सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठकर ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का भाव रखने पर बल दिया। दक्ष-सती प्रसंग के माध्यम से उन्होंने समझाया कि शिव-निंदा से बड़ा कोई पाप नहीं और शिव-कृपा से बड़ा कोई पुण्य नहीं। कथा के दौरान पूरा पंडाल “हर-हर महादेव” एवं “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। महाराज श्री की ओजस्वी वाणी ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस सप्ताहव्यापी कथा में आज के मुख्य यजमान देवेन्द्र प्रसाद गुप्त (अतिरिक्त महाप्रबंधक निर्माण) एवं इतेश राढी (गन्ना प्रबंधक)रहे। कथा के उपरांत महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया गया।

मुजफ्फरनगर कृषि विभाग की टीम ने मारा छापा, 250 बैग बरामद
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशन में कृषि विभाग की लगातार उर्वरक एवं पेस्टिसाइड किस जिले में हो रही कालाबाजारी को रोकने की खातिर बड़ी कार्यवाही करने में जुटा है। कृषि विभाग के साथ पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयास से हो रही छापेमारी से किसानों के हिस्से की सब्सिडी के उर्वरक की कालाबाजारी करने






