मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। सीएमओ सुनील तेवतिया ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के नियोजन विभाग अंतर्गत स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमिशन द्वारा प्रदेश के समस्त जनपदों में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाए जाने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय मूल्यांकन एवं अध्ययन कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद मुजफ्फरनगर में भी राज्य स्तर से भेजे गए असिस्टेंट स्टैटिस्टिकल ऑफिसर (इवैल्यूएशन) विशेष कुमार के द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों का भ्रमण एवं निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि टीम दो दिन पूर्व जनपद में पहुंची थी तथा विगत दिवस से विभिन्न स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण प्रारंभ किया गया। इस मूल्यांकन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के नॉन डिलीवरी पॉइंट एवं डिलीवरी पॉइंट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) का विस्तृत निरीक्षण किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता, प्रसव संबंधी उपचार सेवाएं, जच्चा-बच्चा सुरक्षा व्यवस्थाएं, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने हेतु किए जा रहे प्रयासों तथा गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि अब तक सदर ब्लॉक की 4 पीएचसी एवं 1 सीएचसी, मोरना ब्लॉक में भोपा सीएचसी सहित 6 पीएचसी तथा जानसठ ब्लॉक में सीएचसी जानसठ एवं पीएचसी मीरापुर का निरीक्षण किया जा चुका है। आज टीम द्वारा 6 अर्बन पीएचसी, जिला महिला चिकित्सालय (डीडब्ल्यूएच) एवं जिला पुरुष चिकित्सालय का निरीक्षण किया गया तथा बुढ़ाना क्षेत्र की समस्त पीएचसी एवं एक सीएचसी का भी निरीक्षण किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत लगभग 65 सरकारी स्वास्थ्य इकाइयों के साथ-साथ 10 से 15 बड़े निजी चिकित्सालयों का भी भ्रमण प्रस्तावित है। निजी चिकित्सालयों में उपलब्ध आधुनिक प्रसव सेवाओं, तकनीकी संसाधनों, मानव संसाधन प्रबंधन एवं मरीजों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का भी अध्ययन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह भ्रमण एवं मूल्यांकन कार्यक्रम भविष्य में मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा राज्य स्तर पर नई स्वास्थ्य नीतियों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही जनपद में गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं को बेहतर एवं सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

ग्राम प्रधानों के कार्यकाल में 6 माह की वृद्धि, मंत्री कपिल देव के प्रयासों से मिली बड़ी राहत
लखनऊ/मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने के कारण प्रदेश सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सभी ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 6 माह के लिए बढ़ा दिया गया है। प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा था, ऐसे में शासन द्वारा जारी






