मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चैयरमैन अशोक बालियान ने प्रधानमंत्री मोदी के पश्चिम एशिया संकट के बीच आयातित उत्पादों की खपत कम करने के आह्वान का समर्थन करने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल आयात करता है। हम जितना अधिक निजी वाहनों का प्रयोग करते हैं, उतना ही अधिक डॉलर देश से बाहर जाता है। इसलिए कुछ समय के लिए निजी वाहनों के उपयोग में 10-20% की कटौती भी देश के अरबों रुपये बचा सकती है।
भारत सालाना ₹1.10 लाख करोड़ का खाद्य तेल विदेशों से खरीदता है। अगर विदेशी तेल पर निर्भरता घटे, तो हमारे सरसों, सोयाबीन और सूरजमुखी उगाने वाले किसानों की आय दोगुनी हो सकती है। हम सरकार से अपेक्षा करते हैं कि वह इन किसानों को बेहतर मूल्य और आवश्यक प्रोत्साहन प्रदान कर आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त करेगी।
भारत में वर्ष 2026 में ‘निवेश’ के लिए सोने की मांग 82 टन रही, जो ‘आभूषणों’ की मांग 66 टन से अधिक है। यदि ‘निवेश’ करना ही है, तो कागजी सोना (Sovereign Gold Bonds) या डिजिटल विकल्प चुनें ताकि देश का डॉलर बाहर न जाए। इसलिए हम सब शादी-ब्याह के लिए ही आवश्यक आभूषण की खरीद करे, लेकिन कुछ समय के लिए ‘निवेश’ के लिए सोना न खरीदें, ताकि देश पर कोई आर्थिक संकट न आये। उन्होंने कहा कि सोना खरीदने के लिए हमें अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में भुगतान करना पड़ता है। जब डॉलर की मांग बढ़ती है, तो रुपया कमजोर होता है। कमजोर रुपये के कारण पेट्रोल-डीजल और अन्य जरूरी आयात महंगे हो जाते हैं, जिससे देश में मुद्रास्फीति बढ़ती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट (West Asia Crisis) के बीच सोना, तेल और अन्य आयातित उत्पादों की खपत कम करने की अपील का समर्थन करना न केवल आर्थिक समझदारी है, बल्कि यह राष्ट्रहित में उठाया गया एक आवश्यक कदम है।

जनपद में कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के उचित निस्तारण में अधिकारी गंभीरता से कार्य करें: डीएम
हरिद्वार (रिपोर्टर)। जनपद में शहरी क्षेत्र से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक कचरा एवं ठोस अपशिष्ट के उचित निस्तारण हेतु जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।जिसमें नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत, जिला पंचायत,पंचायतीराज एवं खंड विकास अधिकारियों मौजूद रहें। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को






