मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जिला पंचायत सभागार मे हीट वेव से बचाव व कार्य योजना की तैयारी के लिए बैठक का आयोजन किया गया। बैठक मे जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि सभी विभागो की जिम्मेदारिया तय कर दी ताकि कोई भी नुकसान न होने पाये। इसके लिए उन्होंने समस्त विभागों को दिशा निर्देश जारी किये है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पहले से सुनिश्चित कर ले कि प्रत्येक अस्पताल मे दवाओ की उपलब्धता रहे। डाक्टर एवं प्रशिक्षित स्टाफ कार्यशील रहे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दोपहर के 03 घण्टे स्वास्थ्य के लिये हानिकारक हो सकते हैं। इन 03 घण्टों में खुली घूप से बचाव की सलाह दी गयी है। जानवरों एवं बच्चों को बंद गाडी में न छोडा जाये, यह जानलेवा हो सकता है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच खुली धूप में न निकलें। घर की निचली मंजिल पर रहें। तंग कपडे न पहनें। बासी एवं संक्रमित भोजन का प्रयोग न करें। अगर बीमार हो जाये तो तत्काल डाक्टर की मदद लें। सरकारी कार्यालयों को पहले ही प्राथमिक चिकित्सा किट की उपलब्धता के लिये कहा जा चुका है। यदि किसी संस्थान में किट उपलब्ध नहीं मिलती है तो विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय की जायेगी। उन्होने कहा कि परिवहन विभाग सभी बस अडडो व रेलवे स्टेशन पर पेयजल, छाया एवं प्राथमिक चिकित्सा की उचित व्यवस्था करे।
जिला आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण के नोडल अधिकारी अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र कुमार ने बताया कि गर्मी में लापरवाही जानलेवा हो सकती है। उन्होने जनपद के लोगो से अपील करते हुए कहा कि हीट वेव की स्थिति शरीर के कार्यप्रणाली पर प्रभाव डालती है जिससे हीट स्ट्रोक की स्थिति बन सकती है। इसके प्रभाव को कम करने व बचाव के लिये अधिक से अधिक पानी का सेवन किया जाये। उन्होने कहा कि गर्मी मे मनुष्य के साथ-साथ सभी प्राणियो को पानी की आवश्यकता होती है। जब मनुष्य को प्यास लगती है तो पानी का संग्रहण कर लेता है अथवा वह कही से भी पानी मांगकर पी लेता है, लेकिन परिंदो व पशुओ को तपती गर्मी मे यहां वहां पानी के लिए भटकना पड़ता है। गर्मियो मे कई परिंदो व पशुओ की मौत पानी की कमी के कारण हो जाती है। लोगो का थोड़ा सा प्रयास घरो के आस पास उड़ने वाले परिदो की प्यास बुझाकर उनकी जिंदगी को बचाया जा सकता है गर्मियो मे घरो के आसपास इनकी चहचहाहट बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि लोग पक्षियो से प्रेम करे और उनका विशेष ख्याल रखे। बैठक मे पशु पालन विभाग, सूचना विभाग, श्रम विभाग, वन विभाग, अग्नि शमन विभाग, शिक्षा विभाग, नगर निकाय एवं पंचायत राज विभाग, पुलिस विभाग, राजस्व विभाग, जल निगम, आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा, सिंचाई व कृषि विभाग की जिम्मेदारिया तय की गयी। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट पंकज राठौर, मुख्य अग्नि शमन अधिकारी अनुराग कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार, एआरएम रोडवेज प्रभात कुमार सिन्हा, तहसीलदार जानसठ श्रद्धा गुप्ता, अधिशासी अभियंता सुभाष चन्द्रा, बीडीओ विशाखा, अक्सीर खाँन, सीवीओ डा0 जितेन्द्र गुप्ता, पूर्ति अधिकारी ओमहरि उपाध्याय व राहत एवं नागरिक सुरक्षा सहायक नासिर हुसैन मौजूद रहे।
अनुपस्थित अधिकारियों से मांगा गया स्पष्टीकरण
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बैठक मे अनुपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियो के स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिये है। उन्होने कहा कि हीट वेव शासन की महत्त्वपूर्ण प्राथमिकता वाले कार्यक्रमो मे शामिल है जिसमे लापरवाही किसी भी दशा मे क्षम्य नही है।
24 घण्टे कार्य करेगा कन्ट्रोल रूमः-
बैठक मे अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र कुमार ने अवगत कराया कि कलैैक्ट्रेट मे स्थित इमरजेंसी आॅपरेशन सेन्टर मे जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा कन्ट्रोल रूम संचालित किया गया है। किसी भी आपदा की स्थिति मे यहा के टोल फ्री न0 1077, 01312436918 व 9412210080 पर सम्पर्क किया जा सकता है।







