हरिद्वार (संतोष कुमार)। उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, हरिद्वार के शिक्षाशास्त्र विभाग द्वारा आयोजित स्काउट-गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम के छठे दिवस छात्राध्यापकों को हाइकिंग एवं प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से महत्वपूर्ण जीवन कौशल सीखे।
प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक पुरवेन्द्र कुमार एवं महिपाल ने हाइकिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को अनुशासन, साहस, आत्मनिर्भरता, टीम भावना और प्रकृति संरक्षण का महत्व समझाया। हाइकिंग गतिविधि के जरिए छात्रों को न केवल शारीरिक रूप से सक्रिय रहने की प्रेरणा मिली, बल्कि समूह में कार्य करने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के गुर भी सिखाए गए।
वहीं, प्राथमिक उपचार सत्र में प्रतिभागियों को घाव, चोट, मोच, जलन, बेहोशी, रक्तस्राव और आकस्मिक दुर्घटनाओं के दौरान दी जाने वाली प्रारंभिक सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से छात्रों को आपात स्थितियों में तुरंत सही कदम उठाने के तरीके बताए।
इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुमन प्रसाद भट्ट ने प्राथमिक उपचार को अत्यंत उपयोगी जीवन कौशल बताते हुए कहा कि इससे आपातकालीन परिस्थितियों में किसी की जान बचाई जा सकती है। वहीं सत्र संयोजक मीनाक्षी सिंह रावत ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में सेवा-भाव, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास करते हैं।
कार्यक्रम में चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता करते हुए स्काउट-गाइड के मूल सिद्धांतों—सजगता, सेवा और अनुशासन—को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

प्री कमांडों ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया प्रशिक्षण कार्यक्रम से मानसिक रूप से सशक्त बनते हैं बच्चे-अमित चौधरी
हरिद्वार (रिपोर्टर)। आशिहारा कराटे मिक्स मार्शल आर्ट द्वारा दो दिवसीय प्री कमांडो ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया गया। फॉरेस्ट नेचर कैम्प पीली पड़ाव में आयोजित प्री कमांड़ो ट्रेनिंग कैंप 40 बच्चों ने प्रतिभाग किया। शिविर के समापन पर बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। आशिहारा के उत्तराखंड चीफ अमित कुमार चौधरी ने बताया कि




