मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। नगर पालिका द्वारा जिला अस्पताल तिराहे के पास करीब 33.24 लाख से कराए जा रहे देवी अहिल्याबाई होल्कर चौक के सौन्दर्यीकरण पर सभासदों द्वारा सवाल उठाए हैं। पालिका के वार्ड सभासदों ने संबंधित ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पालिका ईओ से शिकायत की है। उन्होंने शिकायत करते हुए बताया कि टेंडर पर पास मैटिरियल के अनुसार निर्माण कार्य नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
नगर पालिका परिषद के वार्ड सभासद अमित कुमार, देवेश कौशिक, रितु त्यागी, अर्जुन कुमार, सुनीता द्वारा जिला चिकित्सालय चौराहे पर स्थित देवी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा स्थल के सौन्दर्यीकरण को लेकर पालिका ईओ डा प्रज्ञा सिंह से शिकायत की है। वार्ड सभासदों ने पालिका ईओ को बताया कि देवी अहिल्याबाई होल्कर चौक के सौन्दर्यकरण हेतु नगरपालिका परिषद मुजफ्फरनगर द्वारा 16 मई 2025 को एक टेन्डर पास किया गया था। उक्त टेन्डर में देवी अहिल्याबाई होल्कर चौक के सौन्दर्यकरण के साथ जिला अस्पताल चौराहे पर अहिल्याबाई की मूर्ति लगाने का कार्य पास किया गया था। उक्त टेन्डर में कार्य की अनुमानित लगात करीब 33,24,967 रूपये पास की गयी थी। पालिका द्वारा पास किये गये अधिकृत नक्शे के अनुरूप व टेन्डर में दिये गये मैटिरियल की मानकों के अनुसार निर्माण कार्यों में मैटिरियल प्रयोग नहीं किया जा रहा है। सौन्दर्यकरण के निर्माण कार्य में प्रयोग किये जा रहे मैटिरियल की गुणवत्ता टेन्डर में दिये गये मानकों के अनुसार प्रयोग नहीं की गयी है। सभासदों का आरोप है कि उक्त निर्माण कार्य में घटिया किस्म का मैटिरियल पत्थर आदि प्रयोग किया जा रहा है। जिस कारण निर्माण कार्य जल्द ही खुर्द-बुर्द हो जायेगा। ठेकेदार द्वारा कराये गये निर्माण कार्य में प्रयोग किया गया मैटिरियल की जांच आईआईटी लैब रूडकी द्वारा करायी जानी आवश्यक है, ताकि पालिका का पैसा बरबाद होने से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि ठेकेदार द्वारा कराये गये उक्त निर्माण कार्य का भुगतान जांच के बाद होना चाहिए।

कलश स्थापना के साथ शुरू हुई माता रानी की पूजा अर्चना
*सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।* *शरण्ये त्रयंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते।* मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। नवरात्रि संस्कृत का शब्द है जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इन नौ रात्रों एवं दस दिनों में देवी दुर्गा/शक्ति के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना का विधान है। नव संवत्सर का नाम ‘रौद्र’ नाम संवत्सर होगा, जिसमें राजा देव गुरु बृहस्पति और






