मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। किसानों की ओर से की गई शिकायतों के बीच शासन स्तर से अब पेस्टीसाइड निर्माण इकाइयों व बिक्री केंद्रों पर केंद्रीय निगरानी सख्त हो गई है। शुक्रवार देर रात्रि तक केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला की टीम ने जनपद में पहुंच कई औद्योगिक इकाईयों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में छापेमारी कर सैंपल एकत्र किए। एकाएक हुई छापामार कार्रवाई से तमाम कीटनाशक फैक्ट्री संचालकों व दुकानदारों में हड़कंप मचा है।

बीते दिवस फरीदाबाद स्थित केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला की टीम ने मुजफ्फरनगर जनपद के ग्राम बहादरपुर, जानसठ रोड, पुरकाजी खादर व बेहड़ा अस्सा समेत कई इलाकों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। कीटनाशक टीम ने इस बीच 7 पेस्टीसाइड निर्माण इकाइयों से सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे। जांच के बीच कच्चे माल, तैयार उत्पाद और लेखा-जोखा की बारीकी से पड़ताल की, ताकि गुणवत्ता मानकों व लाइसेंस शर्तों के पालन की पुष्टि की जा सके। टीम की इस छापामार कार्रवाई के दौरान केंद्रीय टीम में शामिल अफसरों ने जनपद में कीटनाशक निर्माण करने वाली औद्योगिक इकाई ग्राम बहादरपुर में स्थित चक्रधर पेस्टीसाइड, जानसठ रोड की नॉदर्न पेस्टीसाइड, जानसठ की ज्योति एग्रो केमिकल, पुरकाजी खादर की रेड जोन और बेहड़ा अस्सा की टेरा ग्रीन के साथ ही अन्य दो इकाइयों पर छापा मारा। इन सभी स्थानों से कुल 7 सैंपल एकत्र किए गए। इस बीच टीम ने उत्पादन इकाईयों के साथ ही इनके बिक्री केंद्रों को भी निशाने पर रखा। अधिकारियों ने कूकड़ा क्षेत्र में शाकुंभरी बीज भंडार, गर्ग बीज भंडार और गंगा पेस्टीसाइड समेत कई प्रतिष्ठानों पर छापामार कार्रवाई की। टीम ने उक्त जांच के दौरान संबंधित अभिलेखों की समीक्षा कर, बीज व कीटनाशक का व्यापार करने वाले व्यापारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा। जनपद में बीती देर रात्रि तक हुई छापामार कार्रवाई का नेतृत्व केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला के सीआईआई एवं डीडी केएल मीणा ने किया। टीम में सहारनपुर मंडल के उप कृषि निदेशक कृषि रक्षा यतेंद्र सिंह और जिला कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया, वरिष्ठ लिपिक देवेन्द्र कुमार आदि शामिल रहे।
इन्होंने कहा-
जिला कृषि रक्षा अधिकारी राहुल तेवतिया ने बताया कि जिले में बीते दिवस पेस्टीसाइड निर्माण इकाईयों और अन्य दुकानों सहित कुल 10 स्थानों पर जांच की। मौके पर कोई बड़ी अनियमितता सामने नहीं आई, लेकिन फिर भी कीटनाशकों के सैंपल लिए गए, अब इनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चल रही है, जिसके तहत पेस्टीसाइड गुणवत्ता, लाइसेंस की जांच और मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य पेस्टीसाइड की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और मानकों का सख्ती से पालन कराना है।







