मुजफ्फरनगर। गुरूवार को कलेक्ट्रेट में पहुंचे वीरांगना झलकारी बाई कोरी एकता मंच ने डीएम को सौंपे ज्ञापन में कोरी समाज के लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी न किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। मंच महामंत्री मोहित कुमार कोरी ने आरोप लगाया कि बीते लंबे समय से मुजफ्फरनगर में कोरी जाति के लोगों को जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसमें तहसील स्तर पर हिन्दू जुलाहा, साध्य अपूर्ण या जाति तस्दीक नहीं हुई जैसे तमाम आधारहीन कारणों से आवेदन खारिज किए जा रहे हैं।
डीएम कार्यालय पहुंचे मंच के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि जिन लोगों के पहले से जाति प्रमाण पत्र बने हैं, उनके प्रमाण पत्र केन्द्र सरकार के प्रपत्र पर सत्यापित नहीं किए जा रहे हैं, जिससे समाज के लोग आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से शोषण का शिकार हो रहे हैं। मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर पूर्व में विधायक मिथलेश पाल ने प्रमुख सचिव समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश को पत्र लिखा था। इसके बाद अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान उत्तर प्रदेश लखनऊ ने 20 फरवरी 2025 को डीएम मुजफ्फरनगर को पत्र भेजकर कोरी समाज के व्यक्तियों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र निर्गत करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश और केन्द्र सरकार की नौकरियों के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है, लेकिन जाति प्रमाण पत्र न बनने से कोरी समाज के युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। इस दौरान मदनपाल कोरी, जितेंद्र कोरी, रजनीश, बिजेंद्र, सुनील, धर्मेन्द्र, कुलदीप, मोहित कोरी एड, अभिषेक, मांगेराम, श्यामवीर, अतुल कोरी आदि मौजूद रहे।






