मुजफ्फरनगर। पहले से ही स्ट्रीट लाइटों के टोटे का दंश झेल रही नगरपालिका परिषद् को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब एक सभासद ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में विद्युत सुधार योजना के अन्तर्गत बिजली विभाग द्वारा कराये जा रहे कार्य के दौरान कंपनी और बिजली कर्मचारी दो विद्युत पोलों पर लगी स्ट्रीट लाइट उतारकर ले ज्गए, जिससे मंदिर एवं स्कूल के पास अंधेरा छाने से वार्डवासियों को परेशानी हो रही है, इसके लिए उन्होंने विद्युत अधिकारियों से जांच कराकर उक्त लाइट फिर वापस कराने के लिए कहा है।
नगरपालिका परिषद् के वार्ड 43 के सभासद पति एवं भाकियू के पूर्व मंडल महासचिव शाहिद आलम ने बताया कि उनके वार्ड अम्बा विहार मुख्य मार्ग पर दो दिन पूर्व स्टेडियम बिजलीघर के लाइनमैन और एल एंड टी कंपनी के कर्मचारियों द्वारा विद्युत सुधार योजना में एलटी लाइन पर एबीसी केबिल बदलने का काम किया गया था। इसी बीच यहां पर जैन मंदिर के सामने दो विद्युत पोल और एक प्ले स्कूल के बराबर में लाला रतनलाल के गेट के सामने लगे एक विद्युत पोल से 3 स्ट्रीट लाइट उतार ली गई थी, लेकिन उन्हें बाद में वापस नहीं लगाया गया। कर्मचारियों ने ये तीनों स्ट्रीट लाइट उतारकर गायब कर दी, जबकि तीन दिन पूर्व ही पालिका से इन लाइटों को सही कराकर लगवाया था। उक्त लाइट गायब कर देने के कारण रात्रि में आवागमन में परेशानी हो रही है। शाहिद आलम ने बताया कि इसके लिए उन्होंने विद्युत एक्सईएन, एसडीओ और स्टेडियम बिजली घर के जेई को अवगत कराते हुए गायब की गई स्ट्रीट लाइट वापस विद्युत पोल पर लगवाने के लिए कहा, लेकिन दो दिन बीत जाने पर कोई कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि करीब एक साल पहले भी छप्पर वाली मस्जिद के पास इसी प्रकार केबिल बदलने के दौरान विद्युत पोल पर लगी पालिका की दो स्ट्रीट लाइट गुम कर दी थी। उनका कहना है कि यह भूलवश भी हो सकता है, हमने संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया है, इसमें स्टेडियम बिजलीघर के स्टाफ व एल एंड टी कंपनी के कर्मियों की मिलीभगत है, यदि दो दिन में लाइट वापस नहीं की जाती हैं, तो वो इसके लिए स्ट्रीट लाइट चोरी करने का मुकदमा दर्ज करायेंगे।







