मुजफ्फरनगर। हीट वेव से बचाव को लेकर मिले संकेतों के बीच प्रशासन ने आम जनता को एडवाइजरी जारी करते हुए हिदायत दी कि जनपद में हीट वेव से बचाव के लिए वे तेज धूप मे घर से बाहर न निकलें। यही नहीं अगर अत्यंत आवश्यक कार्य हो, तभी तेज धूप में काला चश्मा, छाता, टोपी व सूती गीले कपडेÞ का प्रयोग करें। अफसरों ने हिदायत दी कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है, उसी तरह से लू का प्रकोप भी बढ़ गया है।
जिले में हीट वेव से होने वाली संभावित जनहानि के मद्देनजर भी इस बार फिर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि हीट वेव जानलेवा है, इससे बचाव नहीं किया गया तो जान भी जा सकती है। इसके लिए कहा गया है कि दोपहर का समय सबसे ज्यादा नुकसानदायक है। यथासंभव घर की निचली मंजिल पर रहें। तंग कपड़े न पहनें। बासी व संक्रमित भोजन का प्रयोग न करें। अधिक से अधिक पेयजल का प्रयोग किया जाए।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र कुमार ने शासन की ओर से जारी एडवाइजरी की जानकारी देते हुए बताया कि हीट वेव के बढ़ते प्रकोप के बीच ऐसे में जहां बासी एवं संक्रमित भोजन जानलेवा हो सकता है। वहीं हीट वेव की स्थिति शरीर के कार्य प्रणाली पर भी प्रभाव डालती है जिससे मृत्यु भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि बचाव के लिये अधिक से अधिक पानी का सेवन किया जाये। हल्के रंग के पसीना शोषित करने वाले सूती वस्त्र पहनें। धूप के चश्मे, छाता, टोपी व चप्पल का प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि यह समय हीट वेव से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है, ऐसी स्थिति में सावधानियां बरती जाये। सभी स्कूल, कॉलेजों व सरकारी कार्यालयों को पहले ही प्राथमिक चिकित्सा किट की उपलब्धता को कहा जा चुका है। यदि किसी संस्थान में किट उपलब्ध नहीं मिलती है तो विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी तय की जायेगी। उन्होंने बताया कि यात्रा करते समय पीने का पानी हमेशा साथ रखें। वहीं गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखे जाने व बच्चों एवं पालतू जानवरों को कभी भी बंद या खड़ी गाड़ी में अकेला न छोड़ें। सूर्य के ताप से बचने के लिये मकान की पहली मंजिल पर रहें। गहरे रंग के कपड़े पहनने से बचें।






