मुजफ्फरनगर। जिलाधिकारी कार्यालय को जल्द की खुद का कार्यालय मिलने की कवायद तेज हो गई है। लंबे समय से उधार के दफ्तर में जन सुनवाई कर रहे जिलाधिकारी को नया रूप देने की खातिर गुरूवार को यहां निर्माण कार्य शुरू किए जाने की दिशा में नाप तौल होने लगी है। जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में शासन को भेजे प्रस्ताव के बाद जिला मुख्यालय पर नया जिलाधिकारी कार्यालय बनवाने के लिए करीब सवा दो करोड़ रुपये का बजट जारी हो चुका है। गुरूवार को इसके लिए लोक निर्माण विभाग कार्यदायी संस्था नामित होने के चलते विभाग को बजट की धनराशि उपलब्ध करा दिए जाने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है।
मुख्यालय पर स्थित कलेक्ट्रेट करीब दो सौ साल पुराना इतिहास समेटे हुए हैं। अंग्रेजी शासन काल में ही यहां पर कलेक्टर कार्यालय बन गया था। वो ही यहां चल रहा था। इसी बीच 27 अगस्त 2023 को जिलाधिकारी के उक्त कार्यालय के बराबर में बने हुए विश्राम गृह की छत अचानक से भरभरा कर गिर पड़ी थी। इसके बाद से डीएम और इसके बराबर में चलाये जाने वाले एडीएम वित्त के कार्यालय को बंद कर दिया गया था। भवन की स्थिति को लेकर तकनीक विशेषज्ञ से जांच कराई गई तो इसको जर्जर बताने के बाद पूरा भवन 26 अक्टूबर 2023 को ध्वस्त करा दिया गया था। इसके बाद ही जिलाधिकारी व एडीएम वित्त अस्थाई दफ्तरों में कार्य करते आ रहे हैं। शासन द्वारा मुख्यालय पर कलेक्ट्रेट में पुराने स्थान पर नया जिलाधिकारी कार्यालय बनवाने के लिए बजट मंजूर कर धनराशि जारी कर दी है। प्रभारी अधिकारी नजारत सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप ने बताया कि लोक निर्माण विभाग के एस्टीमेट के आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजकर बजट की राशि जारी करने के लिए कहा था। 29 मार्च को उत्तर प्रदेश के राजस्व विभाग के सचिव ने यह बजट स्वीकृत करते हुए धनराशि जारी कर दी है। शासन ने नया कार्यालय बनवाने के लिए लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खण्ड को कार्यदायी संस्था नामित किया है और स्वीकृत बजट के अनुसार 2 करोड़ 24 लाख 57 हजार रुपये की राशि हस्तांतरित कर दी गई है। अब इसका निर्माण कार्य प्रारंभ होेगा। नक्शे के तहत भू-तल पर डीएम कार्यालय के साथ आगन्तुक कक्ष और स्टाफ रूम के साथ शौचालय, विश्राम कक्ष व रसोई का निर्माण किया जायेगा। इसके ऊपर भवन के प्रथम तल पर एडीएम वित्त के लिए इसी तर्ज पर कार्यालय का निर्माण किया जायेगा।






