मुजफ्फरनगर। बीते दिवस सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मदीना कॉलोनी निवासी युवक का पोस्टमार्टम करने से पूर्व वहां पर तैनात चिकित्सक व कर्मियों द्वारा सुविधा शुल्क मांगे जाने के आरोपों के बीच उक्त मामले में सीएमओ ने जांच बैठा दी है। मृतक के परिजनों ने तैनात कर्मचारियों के लिए शराब समेत दस हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। इस मामले में पीड़ित परिवार के पक्ष में आए किसान संगठन ने जब पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा किया, तो सीएमओ ने मामले में संज्ञान लेते हुए चिकित्सक के खिलाफ जांच बैठा दी है।
थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मौहल्ला मदीना कॉलोनी निवासी अनस में शेरपुर के जंगल में फांसी लगाकर बीते दिवस आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद परिजनों ने प्रक्रिया पूरी कराते हुए अनस को पोस्टमार्टम कराने के लिए मखियाली स्थित पीएम हाउस पर पहुंच गए। आरोप है कि रात में पोस्टमार्टम नहीं होने के कारण किसान संगठन के जिलाध्यक्ष के सहयोग से परिजनों ने डीएम के आदेश पर रात्रि में पीएम कराने की अनुमति ली। इस बीच मृतक युवक के परिजनों ने आरोप लगाते हुए बताया कि इसके बाद भी पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात चिकित्सक अजय शाही शाम के आठ बजे से रात के 12 बजे तक भी पोस्टमार्टम नहीं किया। इस बीच पीड़ित परिवार से कैमरा रिकार्डिंग के लिए चिप और चीरा लगाने वाले कर्मचारी के लिए शराब खरीदने के लिए रुपयों की डिमांड की गई। आरोप है कि इसके बाद भी 10 हजार रुपये मांगे गए। चिकित्सकों की डिमांड की जानकारी मिलने पर किसान संगठन के पदाधिकारी वहां पहुंच गए और सुविधा शुल्क मांगने के खिलाफ वहां पर जमकर हंगामा किया। इस मामले से बाद में सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया को भी अवगत कराया, जिसके बाद उनके निर्देश पर मृतक अनस का पोस्टमार्टम किया गया।
इन्होंने कहा-
सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया का कहना है कि रात्रि में भाकियू नेता ने उनको फोन कर शिकायत की थी, कि पोस्टमार्टम हाउस पर तैनात कर्मचारियों द्वारा अनस नामक मृतक युवक के परिजनों से पोस्टमार्टम के लिए रिश्वत मांगी जा रही है। मामले में तत्काल ही उन्होंने संज्ञान लेते हुए दोषियों पर सख्त कार्यवाही का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा कि मामले में अभी मौखिक शिकायत है, इसके लिए पीड़ित पक्ष से लिखित में कर्मियों के खिलाफ शिकायत मांगी है। इसके साथ प्रकरण में पूछताछ शुरू कर दी है और जांच कराई जा रही है। जो शिकायत मिली है, यदि ऐसा हुआ है, तो बेहद गंभीर मामला है ऐसी किसी कार्यप्रणाली को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।





