भाजपा किसान मोर्चा ने किया कलेक्ट्रेट में विरोध-प्रदर्शन, किसान नेताओं को नसीहत

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मुजफ्फरनगर। जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी घटना के विरोध में देशभर में गम व गुस्सा बना हुआ है, घटना के बाद से लगातार पाक व आतंकवाद के खिलाफ प्रदर्शन जारी हैं। बीते दिवस भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत और प्रवक्ता राकेश टिकैत के बयानों को लेकर गुस्सा चरमोत्कर्ष पर होने के साथ बयानों को लेकर टिकैत परिवार के प्रति नाराजगी है। साथ ही उनके खिलाफ प्रदर्शन जारी है और लोग सवाल खड़े कर रहे हैं कि टिकैत परिवार किसके साथ खड़ा है। हालांकि भाकियू अध्यक्ष ने अपने बयान पर खेद व्यक्त कर दिया हैै, लेकिन इसके बावजूद भी उनका विरोध जारी है, जिसमें मंगलवार को भाजपा भी कूद पड़ी है।
मंगलवार को भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय मंत्री अमित राठी और जिलाध्यक्ष राजू अहलावत के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने डीएम कार्यालय पर पहुंचने के साथ पहलगाम में हुई घटना के खिलाफ आक्रोश जाहिर करने के साथ भाकियू के शीर्ष नेताओं के द्वारा दिए बयानों की निंदा कड़े शब्दों में करते हुए प्रदर्शन किया। क्षेत्रीय मंत्री अमित राठी ने कहा कि आज जब पूरा देश पहलगाम में शहीद हुए लोगों के लिए इंसाफ की मांग कर रहा है, आतंकवाद व पाकिस्तान के खिलाफ है और सरकार के हर फैसले का समर्थन कर रहा है, ऐसे में टिकैत परिवार के लोग इससे अलग खड़े नजर आ रहे हैं। सिंधु जल संधि को लेकर चौ. नरेश टिकैत और इसके बाद राकेश टिकैत द्वारा हमले के लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री को दोषी ठहराने के बयानों की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि यह देश के खिलाफ है।
जिलाध्यक्ष राजू अहलावत ने कहा कि उन्होंने किसान मसीहा चौ. महेन्द्र टिकैत से लेकर नरेश टिकैत तक के साथ काम कर किसान हितों के लिए लड़ाई लड़ी है। कभी भी भाकियू नेताओं ने देश के खिलाफ बयान नहीं दिया है। बाबा टिकैत ऐसे मामलों में सीधे तौर पर देश के साथ खड़े हो जाते थे, लेकिन आज भाकियू अध्यक्ष चौ. नरेश टिकैत जो हमारे समाज के मुखिया भी हैं, ने जिस तरह का बयान दिया, वो समाज के साथ ही देश को भी शर्मसार कर रहा है, हालांकि उन्होंने खेद व्यक्त कर लिया है, लेकिन इसके बाद राकेश टिकैत ने भी इस हमले में प्रधानमंत्री पर आरोप लगाये हैं, वो कांग्रेस के राज के पिछले दस साल याद कर लें, जिसमें आतंकी घटनाओं में हजारों भारतीय मारे गये। 26/11 का हमला कांग्रेस राज में हुआ, तो क्या इसके लिए सोनिया व राहुल दोषी थे। उन्होंने कहा कि आज सिद्धारमैया, नेहा राठौर जैसे चंद लोग ही हैं, जो गलत बयानबाजी कर रहे हैं। ऐसे बयानों की लिस्ट में भाकियू अध्यक्ष न आये हमारा आग्रह है, इससे किसान और बालियान खाप बदनाम हो रहे हैं, समाज पर सवाल उठ रहे हैं। राजू अहलावत ने कहा कि उन्होंने राकेश टिकैत से फोन पर बात कर नाराजगी जताई और कहा कि वो ऐसे बयान देकर देश के किसान को शर्मिन्दा न करें। भाजपा सरकार ने पुलवामा और उरी का मजबूत बदला लिया, इसमें भी कार्यवाही होगी, पूरा देश सरकार के साथ हर फैसले में खड़ा हुआ है। इस दौरान मुख्य रूप से तरूण त्यागी, सुधीश पुंडीर, विनीत ठाकुर, मुकेश कश्यप, नितिन त्यागी, चमन ठाकुर, डॉ. राजकुमार, भूपेन्द्र प्रजापति, मनोज राठी, अमित धर्मा आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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