मुजफ्फरनगर। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर अटेवा अध्यक्ष विजय बंधु के आह्वान पर बीते 25 फरवरी से 10 मार्च तक चलाये जा रहे सांसदों को ज्ञापन सौंपे जाने के अपनी मांगों को पूर्ण कराए जाने की मांग की। रविवार को इस बीच मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक को पुरानी पेंशन बहाली के लिए सौंपे ज्ञापन में लोकसभा में इस ज्वलंत मुद्दे को प्राथमिकता से उठाने का अनुरोध किया। साथ ही प्रधानमंत्री को सांसद के द्वारा पुरानी पेंशन बहाली के संबंध में एक पत्र जारी कराया गया जिसमें देश के सभी शिक्षकों,कर्मचारियों को पूर्व की भांति पुरानी पेंशन बहाली कराने की मांग की गई।
अटेवा से जुड़े पदाधिकारियों ने एनपीएस और केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में लाई यूपीएस दोनों में ही शिक्षकों कर्मचारियों का हित नहीं होने की बात करते हुए बताया कि क्योंकि यह दोनों पेंशन योजनाएं बाजार आधारित है एवं बाजार के उतार-चढ़ाव में कर्मी अपने बुढ़ापे को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। जबकि उन्होंने अपने जीवन का अमूल्य समय देश व प्रदेश की सरकारी सेवाओं में लगा दिया है। यहां तक कि देश की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले अर्ध सैनिक बल के जवानों को भी पुरानी पेंशन व्यवस्था से वंचित कर दिया गया है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। अर्ध सैनिक बल अपना जीवन न्यौछावर कर देश की सुरक्षा करते हैं। यह कैसा न्याय है? अटेवा मुजफ्फरनगर के तत्वावधान में रविवार को जिले के दर्जनों शिक्षकों व कर्मियों ने विधायक पंकज मलिक से भी अनुरोध किया कि वह भी विस में इस मुद्दे को उठाने और पुरानी पेंशन बहाल कराने में सक्रिय सहयोग दें। इस दौरान सांसद हरेन्द्र मलिक ने सभी शिक्षकों एवं कर्मियों को आश्वस्त किया कि वे पहले भी पुरानी पेंशन का मुद्दा संसद में उठाते रहे है और पुरानी पेंशन बहाल होने तक वह बार-बार इस मुद्दे को संसद में उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की चिंता को समझते है और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस मांग को पूरा करने के लिए आग्रह करेंगे। इस दौरान मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष प्रीत वर्धन शर्मा, मनोज कुमार, यशपाल अरोड़ा, डॉ. दीपक गर्ग, रमेश चंद, विशाल भारद्वाज, सुनील पंवार, संजीव जावला, अक्षय चौधरी, सार्थक शर्मा, कपिल शर्मा, दीपक बाबरे, पुष्पेंद्र चौधरी, सोमपाल, प्रियंक देव, संजय राठी, महेंद्र सैनी, तेजपाल, गौरव, अनिल सिंह, मनोज त्यागी, मोबिन अली, पासी राकेश, मनोज कौशिक, संगीता जावला, संध्या रानी, अर्चना आर्या, प्रदीप नागर, दिवाकर शर्मा आदि शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।







