मुजफ्फरनगर। डीएम दरबार में फजीहत का सबब बने ठेकेदार प्रकरण में जांच शुरू हो गई है। पालिका सभासदों के खिलाफ शिकायत करने वाले ठेकेदार व उनकी फर्म के खिलाफ बोर्ड बैठक में 40 से अधिक वार्ड सभासदों की मांग पर गठित दो सदस्यीय कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले में चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप द्वारा जांच अधिकारी नामित किए कर निर्धारण अधिकारी ने बुधवार को निर्माण विभाग से ठेकेदार से जुड़ी पत्रावलियां तलब की हैं।
नेताजी सुभाष जयंती के दिन नगरपालिका निर्माण विभाग में 74 निर्माण कार्यों के टैंडर डाले जा रहे थे। इसी बीच यहां पहुंचे ठेकेदार अभिमन्यु चौहान और तुषार पचीसिया ने कुछ सभासदों पर आरोप लगाया था कि उन्हें निर्माण विभाग में टैंडर नहीं डालने दिया गया और धक्का-मुक्की करते हुए उन्हें वहां से भगा दिया गया। इसके बाद डीएम ने शिकायत मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप को जांच करने के लिए तत्काल टाउनहाल भेजा, जहां ठेकेदार के आरोप गलत पाए गए थे, क्योंकि ठेकेदार अभिमन्यु की फर्म के टैण्डर निर्माण विभाग में आॅनलाइन अपलोड मिले, लेकिन ठेकेदार की शिकायत के कारण टैंडर निरस्त कर दिए थे। अगले दिन सभासदों ने डीएम से मिलकर मामले में झूठे आरोप लगाने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की थी, वहीं पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप को भी पत्र देते हुए उक्त ठेकेदार पर फर्जी दस्तावेजों से नगरपालिका परिषद में रजिस्ट्रेशन कराने के साथ कई निर्माण कार्यों के टैंडर प्राप्त करने की जांच कराने की मांग की थी।
चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप ने सभासदों की शिकायत पर दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन करते हुए बिन्दूवार जांच आख्या तलब की है। इसमें कर निर्धारण अधिकारी दिनेश कुमार यादव व जेई जलकल धर्मवीर सिंह जांच टीम में शामिल हैं। बुधवार को जांच अधिकारी दिनेश यादव ने इस प्रकरण में ठेकेदार अभिमन्यु चौहान और उनकी फर्म आरके कन्स्ट्रक्शन से जुड़ी पत्रावलियों को निर्माण विभाग से तलब किया है। उन्होंने एई निर्माण अखंड प्रताप सिंह को पत्र जारी करते हुए इस संबंध में बताया कि आरके कन्सट्रक्शन के नाम से ठेकेदारी करने वाले अभिमन्यु चौहान के खिलाफ अनियमितता करने की शिकायत पर पालिका चेयरपर्सन के आदेश से उन्होंने 3 बिन्दुओं पर मुख्य तौर पर जांच प्रारंभ की है, जिसके लिए संबंधित सभी पत्रावलियां उनको तत्काल उपलब्ध कराई जायें, ताकि समय से रिपोर्ट दी जा सके।






