मुजफ्फरनगर। परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चे सोमवार को हस्तिनापुर का भ्रमण करते हुए ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहरों से रूबरू हुए। बीएसए कार्यालय से परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की एक्सपोजर विजिट के लिए बसों को बीएसए संदीप कुमार, जिला समन्वयक सुशील कुमार ने झंडी दिखाकर रवाना किया। शैक्षिक भ्रमण में 200 बच्चों के साथ उनके विद्यालय के अध्यापक उपस्थित रहे।
यह आयोजन छात्रों के जीवन में नई उमंग, शिक्षा और अनुभव का संचार करने के उद्देश्य से किया गया। हस्तिनापुर पहुंचने पर सबसे पहले बच्चों ने जम्बूद्वीप भ्रमण किया, वहां पर अध्यापकों द्वारा बच्चों के साथ नौका विहार तथा ऐरावत हाथी की सवारी के साथ छोटी रेलगाड़ी की यात्रा की। बच्चों को हस्तिनाुपर के ऐतिहासिक महत्व के बारे में शिक्षकों ने जानकारी दी। बच्चों ने बाद में पांडव किला तथा द्रौपदी कुण्ड को देखा। भ्रमण के दौरान बच्चों की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया। बच्चों के दोपहर के भोजन की व्यवस्था भ्रमण स्थल पर की। जिला समन्वयक सुशील कुमार ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों में जिज्ञासा का विकास होता है तथा उन्हें भारत के ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी होती है। कार्यक्रम में समस्त विकास क्षेत्रों से बच्चों के साथ एआरपी पुरकाजी अनुराधा सोबती, जानसठ सुनीता देवी, निशांत, अक्षय, सुबोध, अभिषेक त्यागी, सतीश बालियान आदि उपस्थित रहे।

मुजफ्फरनगर में अकीदत के साथ निकाला गया 7वीं मोहर्रम का ऐतिहासिक जुलूस
मुजफ्फरनगर (रिपोर्टर)। जनपद में 7वीं मोहर्रम के अवसर पर सुबह से ही मजलिसों और मन्नत-ओ-नज्र का दौर शुरू हो गया। रसूल-ए-अकरम के कौल “हुसैन मुझसे है और मैं हुसैन से हूँ” को याद करते हुए कचेहरी गढ़ी और इमली जमाल अब्बास में नजर-ओ-नियाज का एहतमाम किया गया। इसके बाद मोती महल से रिवायती जुलूस बरामद






