मुजफ्फरनगर। योगी सरकार की पहल पर पालिका प्रशासन मंगलवार को शहरी क्षेत्र के 55 वार्डों में निवास करने वाले हिन्दू-मुस्लिम परिवारों की 42 कन्याओं की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का साक्षी बनेगा, जिसकी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। पालिका क्षेत्र के इन जोड़ों को नव वैवाहिक जीवन में मंगल प्रवेश कराने का जिम्मा समाज कल्याण विभाग ने लिया है। बारात के स्वागत में भोज से लेकर वरमाला और निकाह के तमाम बंदोबस्त विभाग के हाथों में रहेंगे। पालिका अधिकारी और कर्मचारी घराती व बाराती बनकर इन कन्याओं को विदा कराने का काम करेंगे। मुख्य अतिथि के रूप में दोनों मंत्री और चेयरपर्सन इन जोड़ों को सफल जीवन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सौगात के रूप में आर्थिक रूप से सहायता प्रदान कर मंगल आशीर्वाद प्रदान करेंगे।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत ही नगरपालिका परिषद् स्तर से नगर क्षेत्र में निवास करने वाले परिवारों की कन्याओं का सामूहिक विवाह टाउनहाल में अपने बंदोबस्त में किया जाता रहा है। इस बार योजना के तहत शहरी क्षेत्र के 55 वार्डों से 42 कन्याओं का सामूहिक विवाह कराने जा रहे हंै, लेकिन तमाम व्यवस्था समाज कल्याण विभाग ने अपने हाथों में ली है। पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह ने बताया कि नगर क्षेत्र में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित होने वाली मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना में 145 कन्याओं के परिजनों ने आवेदन किया था। इनकी जांच में से 42 कन्याओं के आवेदन स्वीकृत किए गए, इनमें 12 हिंदू और 30 मुस्लिम कन्याओं का विवाह कराया जा रहा है। इनका विवाह कराने के लिए मंगलवार को सनातन धर्म सभा भवन में सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार, राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद हरेन्द्र मलिक और पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप के साथ विशिष्ट अतिथि डीएम उमेश मिश्रा और सीडीओ संदीप भागिया मौजूद रहेंगे।
इन्होंने कहा-
जिला समाज कल्याण अधिकारी विनीत कुमार मलिक ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 के तहत मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में जनपद को 1700 पात्र कन्याओं की शादियां कराने का लक्ष्य मिला है। इसके लिए पात्रों का चयन किया जा चुका है और जनपद के नौ ब्लॉक में से 5 ब्लॉक में कार्यक्रम सम्पन्न कराये जा चुके हैं, इनमें से 400 जोड़ों की शादी कराने के साथ उन्हें योजना के अनुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। इस योजना में एक विवाह पर सरकार द्वारा 51 हजार रुपये की धनराशि खर्च की जाती है। इसमें 35 हजार रुपये नगद दिए जाने के साथ ही 10 हजार रुपये कीमत का घरेलू सामान, जेवर व वस्त्र तथा 6 हजार रुपये खाना और अन्य व्यवस्था पर खर्च तय है।







