मुजफ्फरनगर। विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बाल सम्प्रेक्षण गृह एवं जिला कारागार में शुक्रवार में अस्पताल, पाकशाला, पुरुष बैरक के साथ किशोर बैरक का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बंदियों के हितार्थ विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान रितिश सचदेवा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने वहां उपस्थित बंदियों को संवैधानिक व विधिक अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बंदी अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों। रितिश सचदेवा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस दौरान कैदियों से उनकी समस्याएं सुनने के साथ कोई भी कानूनी समस्या होने पर अधीक्षक जिला कारागार के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अवगत कराने या आवेदन पत्र देने का आह्वान किया गया जिस पर कार्यवाही किये जाने की बात कही।
अधीक्षक जिला कारागार को निर्देशित किया कि जिन बन्दियों के मामले ई-जेल लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित हो सकते हैं, उनकी सूची सेवा प्राधिकरण को प्रेषित करें ताकि उनके इन मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सकें। सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जिन बंदियों की जमानत याचिका पर अधीनस्थ न्यायालय द्वारा हो चुकी हो उन्हें विधिक सहायता प्रदान की गई। उन्होंने बताया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन दिन आगामी 8 मार्च द्वितीय शनिवार, को दीवानी न्यायालय परिसर मुजफ्फरनगर, बाह्य न्यायालय बुढ़ाना, ग्राम न्यायालय जानसठ, ग्राम न्यायालय खतौली तथा कलक्टेÑट मुजफ्फरनगर में किया जायेगा, जिसमें आपराधिक, 138 एनआई एक्ट, बैक रिकवरी, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिका, टेलीफोन, बिजली एवं पानी के बिल, वैवाहिक वाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व वाद, तथा सिविल वादों का निस्तारण किया जायेगा।






