मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा रविवार 22 दिसंबर को दो शिफ्टों में निर्विघ्न संपन्न हुई। कड़ी सुरक्षा एवं सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न हुई उक्त परीक्षा में बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के गैरहाजिर रहने से सर्दी के साथ दूरस्थ क्षेत्रों में परीक्षा केंद्र बनाए जाने को भी एक बड़ा कारण बताया गया। इस बीच परीक्षा केंद्रों पर भारी संख्या में पुलिस फोर्स की मौजूदगी में हर परीक्षार्थी की सघन तलाशी लेने व आयोग के जारी निर्देशों के पालन के बाद परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिलाया गया। इस वर्ष यूपी पुलिस पेपर लीक मामले और आरओ-एआरओ परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के बाद आयोग किसी तरह का रिस्क लेने के लिए तैयार नहीं था। ऐसे में यूपी पीएससी- पीसीएस परीक्षा केंद्र पर सख्ती के साथ अधिकारी अलर्ट मोड पर दिखाई दिए। जिले में निर्विघ्न परीक्षा संपन्न होने पर जिला पुलिस व प्रशासन ने राहत की सांस ली।

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था व तीसरी आंख की निगरानी में रविवार को उत्तर प्रदेश प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) प्रारंभिक परीक्षा जिले के 22 परीक्षा केंद्रों, जिनमें 17 परीक्षा केंद्र नगर क्षेत्र व 5 ग्रामीण क्षेत्रों में संपन्न हुई। सुरक्षा कारणों से जनपद को चार जोन और 22 सैक्टरों में बांटने के साथ सुरक्षा के सभी प्रबंधों के बीच परीक्षा को निर्विघ्न व नकलविहीन संपन्न कराने में प्रशासन ने राहत की सांस ली। जिले में हुई उक्त परीक्षा में मेरठ, सहारनपुर समेत आगरा जिले के परीक्षार्थी केंद्रों पर परीक्षा में प्रतिभाग करने के लिए प्राइवेट व निजी वाहनों से भी यहां पहुंचे। रविवार को जनपद के 22 परीक्षा केंद्रों में संपन्न हुई परीक्षा में बीच प्रथम पाली में पंजीकृत 10,080 में से 3,539 परीक्षार्थी उपस्थित और 6,541 अनुपस्थित रहे, वहीं दूसरी पाली में कुल पंजीकृत 10,080 परीथार्थियों में से मात्र 3,495 परीक्षार्थी उपस्थित और 6,585 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। पीसीएस परीक्षा की पहली शिफ्ट की परीक्षा सुबह 9.30 बजे से शुरू होकर 11.30 बजे समाप्त हुई। वहीं दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2.30 बजे से सायं 4.30 बजे तक आयोजित की गई। इस बीच सुबह परीक्षा से पहले सभी परीक्षा केंद्रों पर आए अभ्यर्थियों की प्रवेश द्वार ही गहन तलाशी ली गई। इस बीच जहां एक ओर सुरक्षा कारणों से लड़कियों के कानों से कुंडल और उनके हाथों से अंगूठियां भी उतरवाई गईं। वहीं हाथों का कलावा भी काटा गया। वहीं गेट पर ही अभ्यर्थियों के जूते, जैकेट और टोपी उतरवा कर सघनता से चेक किया गया। इस दौरान परीक्षा के लिए पुलिस के साथ एसटीएफ भी अलर्ट मोड पर परीक्षा केंद्रों के बाहर चहल कदमी करते हुए दिखाई दिए। 200 अंकों के उक्त प्रश्न पत्र को हल करने के लिए अभ्यर्थियों को दो घंटे का समय दिया गया। इस बार परीक्षा में फर्जी अभ्यर्थियों को शामिल होने से रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए गए। ऐसे में जहां परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की रेटिना व बायोमेट्रिक चेकिंग की व्यवस्था की गई, जिससे सिर्फ रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स को ही एंट्री मिल सकी।






