मुज़फ्फरनगर (रिपोर्टर)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मुज़फ्फरनगर आगमन के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के आवास पर उनका आगमन हुआ। इस अवसर पर श्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मेरठ से मुज़फ्फरनगर होते हुए रुड़की, हरिद्वार एवं ऋषिकेश तक प्रस्तावित RRTS कॉरिडोर को लेकर विशेष आग्रह किया। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच आवागमन को और सुगम, तेज एवं आधुनिक बनाने के लिए मेरठ–मुज़फ्फरनगर–रुड़की–हरिद्वार–ऋषिकेश क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से उत्तराखंड क्षेत्र में परियोजना से संबंधित आवश्यक अध्ययन, DPR एवं अंतरराज्यीय समन्वय की कार्रवाई को गति देने का अनुरोध किया।

मंत्री कपिल देव ने अवगत कराया कि मेरठ से मुज़फ्फरनगर होते हुए उत्तराखंड तक RRTS कनेक्टिविटी का विस्तार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड के रुड़की, हरिद्वार एवं ऋषिकेश जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को आधुनिक क्षेत्रीय परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। इससे दोनों राज्यों के बीच व्यापार, शिक्षा, रोजगार, पर्यटन एवं धार्मिक यात्राओं से जुड़ी गतिविधियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि मेरठ–मुज़फ्फरनगर क्षेत्र औद्योगिक, व्यावसायिक एवं शैक्षिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है, वहीं रुड़की शिक्षा एवं तकनीकी संस्थानों, हरिद्वार धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों तथा ऋषिकेश आध्यात्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। ऐसे में इन क्षेत्रों के बीच बेहतर क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था से लोगों को व्यापक लाभ मिल सकता है। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी से आग्रह किया कि उत्तराखंड के रुड़की–हरिद्वार–ऋषिकेश क्षेत्र से संबंधित आवश्यक सर्वेक्षण, अध्ययन एवं DPR संबंधी कार्यवाही के लिए संबंधित विभागों एवं अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, जिससे NCRTC द्वारा संपूर्ण कॉरिडोर की एकीकृत DPR तैयार करने की प्रक्रिया को गति मिल सके। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच बेहतर परिवहन संपर्क दोनों राज्यों के विकास को नई गति देने वाला कदम होगा। मेरठ से मुज़फ्फरनगर होते हुए रुड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश तक RRTS का विस्तार यात्रियों के लिए सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों, शिक्षा, रोजगार, व्यापार और पर्यटन को भी मजबूत आधार प्रदान कर सकता है।

उत्तर प्रदेश क्षेत्र में DPR एवं सर्वेक्षण की कार्रवाई
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश क्षेत्र में प्रस्तावित कॉरिडोर से संबंधित DPR एवं प्राथमिक सर्वेक्षण की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है। साथ ही संबंधित विकास प्राधिकरणों के स्तर से परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच प्रभावी समन्वय से इस महत्वाकांक्षी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
*82.15 किमी दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ Namo Bharat RRTS कॉरिडोर परिचालन में
वर्तमान में 82.15 किमी लंबा दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ Namo Bharat RRTS कॉरिडोर फरवरी 2026 से पूर्ण रूप से परिचालन में है। केंद्र सरकार के अनुसार इस कॉरिडोर में दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के बीच क्षेत्रीय आवागमन के लिए आधुनिक तेज परिवहन सुविधा उपलब्ध है।
वहीं, जून–जुलाई 2026 में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार मेरठ से मुज़फ्फरनगर, रुड़की, हरिद्वार होते हुए ऋषिकेश तक लगभग 150 किमी के विस्तार के लिए सैद्धांतिक स्तर पर स्वीकृति एवं DPR/सर्वेक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई थी। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि मेरठ से ऋषिकेश तक इस क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को साकार करने के लिए उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच निरंतर समन्वय आवश्यक है। यह परियोजना दोनों राज्यों के बीच केवल परिवहन सुविधा का विस्तार नहीं, बल्कि आर्थिक, शैक्षिक, पर्यटन, धार्मिक एवं सामाजिक संपर्क को और मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण क्षेत्रीय कनेक्टिविटी पहल बन सकती है।







